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Nagasaki Day: हिरोशिमा के तीन दिन बाद ही फैट-मैन ने नागासाकी में मचाई थी तबाही, हजारों लोगों ने गंवाई थी जान

Wed, 09 Aug 2023 01:14 PM IST
श्वेता महतो एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान लगातार हमले कर रहा था। जापान उस समय भी एक शक्तिशाली देश माना जाता था।
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Nagasaki Day - फोटो : Social Media
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने जो तबाही का मंजर देखा था, उसके निशान आज भी मौजूद हैं। अमेरिका ने पहले छह अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा में परमाणु बम गिराकर इस शहर को न भूलने वाला दर्द दिया और फिर ठीक इसके तीन दिन बाद नौ अगस्त को नागासाकी में परमाणु बम से हमला कर इस शहर को भी तबाह कर दिया। नगासाकी में परमाणु हमले को आज 78 साल हो गए, लेकिन इस नरसंहार को आज भी इतिहास में भूला नहीं जा सकता है।
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नागासाकी में परमाणु हमला

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Nagasaki Day - फोटो : Social Media
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान लगातार हमले कर रहा था। जापान उस समय भी एक शक्तिशाली देश माना जाता था। साल 1939 में शुरू हुए द्वितीय विश्व युद्ध को छह साल हो चुके थे, लेकिन जंग थमने का नाम नहीं ले रहा था। ऐसे में अमेरिका ने छह अगस्त 1945 को जापान के शहर हिरोशिमा में परमाणु बम गिराया और फिर ठीक तीन बाद नौ अगस्त को नागासाकी में भी बम गिराकर जापान को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
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फैट मैन ने मचाई नागासाकी में तबाही 

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Nagasaki Day - फोटो : Social Media
नागासाकी में जो परमाणु बम गिराया गया था, उसका नाम फैट-मैन था। नौ अगस्त की सुबह 11 बजे के करीब नागासाकी में परमाणु विस्फोट हुआ। इस परमाणु बम का असर ऐसा था कि वहां के लोगों को सोचने तक का समय नहीं मिला कि ये क्या हुआ। सभी लोग मौत की चपेट में आ गए। नागासाकी शहर पहाड़ो से घिरा होने के कारण  करीब 6.7 वर्ग किलोमीटर के इलाके में ही तबाही का मंजर देखने को मिला, जिसमें कम से कम 75 हजार लोगों की मौत हो गई थी।
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जापान ने परमाणु बम नहीं बनाने की खाई कसम

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Nagasaki Day - फोटो : Social Media
परमाणु बम का असर ऐसा दिखा की कई सालों तक जापान के इस शहर में रहने वाले लोग विकिरण बीमारी, जलन और अन्य घावों के कारण मरते रहे। इस हमले से हिरोशिमा में कुल एक लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

इस तबाही को देखते हुए जापान ने परमाणु शक्ति के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और कभी परमाणु बम नहीं बनाने का संकल्प लिया। जापान के दो शहर को तबाह करने के बाद आज तक अमेरिका ने इसके लिए माफी नहीं मांगी है।
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