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उत्तर प्रदेश में हुआ पहली बार, आखिर क्यों इस बड़े अधिकारी ने खुद पर लगाया जुर्माना?

Sat, 09 Nov 2019 10:41 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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गलत काम करने पर अगर जुर्माना का टैग लग जाए तो लोग गलत काम करने से डरते हैं। यहांं हम एक ऐसी अनोखी ही घटना लेकर आए हैं। एक बड़े अधिकारी ने अपने कर्माचारियों के साथ मिलकर खुद पर ही जुर्माना लगा लिया। आखिर ऐसा क्या हुआ, पढ़ते हैं आगे...
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डीएम अजय शंकर पांडेय - फोटो : अमर उजाला
ये मामाला है अजय शंकर पांडे जो कि गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के कलेक्टर हैं। उन्होंने खुद पर और अपने कर्मचारियों पर सामूहिक रूप से दस हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। 

क्या था मामला-
कलेक्टर की मौजूदगी में पानी की टंकी पूरी भर चुकी थी और उसे काफी देर से पानी बहने की आवाज आ रही थी। जब आवाज ज्यादा तेज आने लगी तो उसने सबसे पूछा कि कितनी देर से ये पानी बह रहा है। उस वक्त उसे पता चला कि 10 मिनट से ज्यादा हो गया है इस बात पर उन्होंने खुद पर और अपने कर्मचारियों पर जुर्माना लगा दिया। 
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- फोटो : अमर उजाला
अजय शंकर पांडे समय को लेकर बेहद ही सतर्क रहते हैं। ऑफिस में समय से पहुंचने के साथ वे अपने कमरे की स्वंय सफाई करते हैं। घटना वाले दिन भी अजय शंकर निर्धारित समय पर ऑफिस पहुंचे। उसके बाद अपने रूम की सफाई करने के बाद वे रेस्ट रूम गए। वहां जाकर उन्होंने पानी गिरने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने कार्यालय स्टाफ को बुलाकर पूछा कि ये आवाज कैसी है? 

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स्टाफ ने बताया कि पिछले 10 मिनट से पानी की टंकी ओवरफ्लो हो रही है। इस पर कलेक्ट्रेट ने सभी पर न केवल जुर्माना लगाया बल्कि ये भी कहा कि पानी की बर्बादी चाहे एक मिनट हो या एक घंटा पानी की बर्बादी, बर्बादी है। 

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बता दें कि 30 अधिकारियों से 100-100 रुपए और 100 कर्माचारियों से 70-70 रुपए लिए गए हैं। जुर्माने के रूप में प्राप्त की गई राशि जल संरक्षण विभाग में जमा होगी। 

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