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IAS और IPS की कितनी होती है सैलरी और कौन है दोनों में ज्यादा शक्तिशाली? पढ़ें यहां

Sun, 03 Nov 2019 01:51 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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IAS-IPS - फोटो : SELF
IAS-IPS बनने का सपना हर कोई देखता है पर कुछ ही का यह सपना पूरा हो पाता है। कठिन परीक्षा को पास करने वाले ही देश के नौकरशाह बन पाते हैं। इसके लिए सबसे पहले संघ लोकसेवा आयोग यानी यूपीएससी की परीक्षाओं को पास करना पड़ता है। इस परीक्षा में प्राप्त रैंकिंग के आधार पर ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) या भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि आईपीएस और आईएएस की खासियत क्या होती है और किस पर क्या जिम्मेदारी होती है।
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IAS
ब्यूरोक्रेसी में प्रवेश के लिए IAS यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा पड़ाव सबसे अहम होता है। बता दें कि आईएएस अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकारों में बेहद अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। एक आईएएस अधिकारी राज्य में मुख्य सचिव और केंद्र सरकार में कैबिनेट सचिव के पद तक पहुंच सकता है। वहीं आईपीएस या भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को राज्य तथा केंद्रीय पुलिस बलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती हैं। राज्य पुलिस में आईपीएस अधिकारी पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस सेवा में निदेशक के पदों तक पहुंच सकते हैं।

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IAS-IPS में क्या है अंतर-
  • पहला अंतर- अपनी ड्यूटी के दौरान आईपीएस हमेशा वर्दी में रहते हैं। जबकि आईएएस पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं होती है। 
  • दूसरा अंतर- बॉडीगार्ड के रूप में एक हर वक्त आईएएस के साथ रहता है। जबकि आईपीएस के साथ पूरी पुलिस फोर्स साथ रहती है।

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IAS-IPS के कार्य-

सबसे पहले बात करते हैं आईपीएस ऑफिसर की, कानून की व्यवस्था बनाए रखने के साथ -साथ अपने आस-पास या जिले में हो रहे जुर्म को रोकना आईपीएस का काम होता है। जबकि आईएएस ऑफिसर लोक प्रशासन के लिए तो जिम्मेदार होता है ही बल्कि नीति निर्माण और कार्यान्वयन भी इसी के अंतर्गत आते हैं।  
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IPS
IAS-IPS की शुरुआती तैयारी-

दोनों पदों के लोगों को एक साथ ट्रेनिंग दी जाती है। सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी यानी एलबीएसएनएए में होती है। इसे फाउंडेशन कोर्स के नाम से भी जानते हैं। उसके बाद दूसरा पड़ाव होता है। आईपीएस को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी यानी एसवीपीएनपीए हैदराबाद में भेज दिया जाता है। जहां उन्हें पुलिस के तौर-तरीके सीखाए जाते हैं। आईएएस के मुकाबले आईपीएस की ट्रेनिंग ज्यादा मुश्किल होती है।
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IPS
IAS-IPS की सैलरी-

अब बात करते हैं सैलरी की तो आईपीएस की सैलरी आईएएस की सैलरी के मुकाबले कम होती है। सातवें पे कमीशन के तहत आईएएस की सैलरी 56,100-2.5 लाख प्रति माह रहती है जबकि आईपीएस की 56,100-2,25,000 रुपए प्रति माह तक होती है।

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मुख्य जानकारी- 
  • आईएएस रैंक में सबसे आगे है। आईएएस ही डीएम बनता है। जबकि किसी भी जिले में एसपी एक आईपीएस बन सकता है। 
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