इंजीनियरिंग युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है, क्योंकि इंजीनियरिंग के बाद सरकारी और निजी कंपनियों में करियर के कई विकल्प खुल जाते हैं। इंजीनियरिंग की बेहद प्रसिद्ध स्ट्रीम्स के अलावा कुछ और भी स्ट्रीम्स हैं, जिनमें अच्छा भविष्य है, इनमें से ऐसी ही एक स्ट्रीम है पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग कोर्स की ऐसी शाखा है, जो हाइड्रोकार्बन जैसे कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के उत्पादन के अध्ययन से संबंधित है। पेट्रोलियम इंजीनियर तेल और गैस के उत्पादन और खोज से संबंधित कार्य करते हैं। पेट्रोलियम इंडस्ट्री विशेषकर तेल की खोज, ट्रांसपोर्ट और मशीनरी, ड्रिलिंग, प्रोडक्शन, रिजर्व मैनेजमेंट, जैसे अलग-अलग क्षेत्र से संबंध रखती है। इस क्षेत्र में करियर काफी आकर्षक और चुनौतीपूर्ण है। इस समय भारत में लगभग 16 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं। भारत की पेट्रोलियम इंडस्ट्री के अलावा यहां के पेट्रोलियम इंजीनियर विदेशों में भी काफी संख्या में काम कर रहे हैं। पेट्रोलियम इंजीनियर को फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जियोलॉजी और इकोनोमिक्स का ज्ञान होना जरूरी है।