नासा के एक डॉकिंग एक्सपेरिमेंट की तस्वीर
- फोटो : NASA
इस प्रयोग के लिए इसरो दो सैटेलाइट्स को एक पीएसएलवी रॉकेट (PSLV Rocket) की मदद से अंतरिक्ष में भेजेगा। ये दो सैटेलाइट मॉड्यूल इस तरह तैयार किए जाएंगे, कि ये अंतरिक्ष में रॉकेट से बाहर आने के बाद एक दूसरे से जुड़ सकें। यही सबसे जटिल प्रक्रिया भी होगी।
स्पेस स्टेशन के लिए क्यों जरूरी है ये प्रयोग, आगे पढ़ें