07 नवंबर की तारीख इतिहास के पन्नों में भारत के एक महान वैज्ञानिक के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। आज ही के दिन 1888 में विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले एशिया के पहले वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन (C V Raman) का जन्म तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली में हुआ था। प्रकाश परावर्तन के क्षेत्र में उनकी खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया।
जानिए आज के दिन से जुड़ी इतिहास की कई और महत्वपूर्ण घटनाएं जिन्होंने इतिहास के पन्नों पर अपना प्रभाव छोड़ा...
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बिपिन चंद्र पाल
1858 : अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लेने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल का जन्म आज ही के दिन हुआ था। लाला लाजपत राय और बाल गंगाधर तिलक के साथ उनकी तिकड़ी को ‘लाल बाल पाल’ के नाम से पुकारा जाता है।
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1862 : अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर का निधन 07 नवंबर को ही हुआ था। ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों का साथ देने पर रंगून (अब म्यामां) निर्वासित कर दिया था, जहां ब्रिटिश हुकूमत की हिरासत में उन्होंने अंतिम सांस ली।
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मैरी क्यूरी
1867 : रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मैरी क्यूरी का जन्म आज ही के दिन हुआ था। वह नोबेल पुरस्कार से सम्मानित पहली महिला हैं। वह ऐसी पहली शख्सियत और एकमात्र महिला हैं जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था।
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नासा
1996 : नासा ने मंगल ग्रह का लंबे समय तक अध्ययन करने के लिए रोबोटिक अंतरिक्ष यािन मार्स ग्लोबल सर्वेयर को अंतरिक्ष में भेजा।
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सिनेटर जॉन ग्लेन
1998 : दुनिया के सबसे बुजुर्ग अंतरिक्षयात्री अमेरिका के सीनेटर जॉन ग्लेन अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा को सफलता पूर्वक पूरा कर धरती पर वापस लौटे थे। अधिक उम्र में अंतरिक्ष यात्रा के शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाने के लिए उन्हें 77 वर्ष की आयु में नासा द्वारा अंतरिक्ष में भेजा गया था।