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5 गोल्ड जीतने वाली हिमा दास बनना चाहती थीं कुछ और, एक शख्स के कारण बदल दिया फैसला

Sun, 21 Jul 2019 02:01 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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आज पुरा देश हिमा दास को बधाई दे रहा है। हिमा ने एक महीने में 5वां गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश को गोरांवित किया है। 400 मीटर पार करने के लिए कुल 52.09 सेकेंड समय लेने वाली हिमा मात्र 19 वर्ष की हैं। बता दें कि ढिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर 19 साल की हिमा इसी साल अप्रैल में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर की दौड़ से पीठ दर्द की वजह से बाहर हो गई थीं।
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हिमा का दूसरा नाम ढिंग एक्सप्रेस है। इससे पहले हिमा ने इसी महीने 2, 6, 13 और 17 जुलाई 2019 को भी अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय इवेंट के 200 मीटर दौड़ में चार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। अब हिमा ने पांचवा गोल्ड मेडल अपने नाम कर एक और उपलब्धि पा ली है।
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पिछले कुछ महीनों से पीठ दर्द से परेशान रही हिमा की 200 मीटर में इस साल यह पहली प्रतिस्पर्धी दौड़ थी। हिमा ने मात्र 23.43 सेकेंड्स के समय में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले हिमा ने पिछले हफ्ते 2 और 6 जुलाई, 2019 को भी पोलैंड में कुट्नो एथलेटिक्स मीट में महिलाओं के 200 मीटर में दो अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीते थे।

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इसके अलावा मोहम्मद अनस पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में 20.75 सेकेंड का समय लेकर तीसरे स्थान पर रहे। के एस जीवन ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 47.25 सेकंड का समय लिया। वहीं पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में मोहम्मद अनस ने अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया। अनस ने 45.40 सेकेंड में गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। इससे पहले 13 जुलाई को क्लाद्नो मीट में अनस ने अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार के साथ गोल्ड मेडल जीता था।

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करियर की शुरुआत-
  1. हिमा को बचपन से ही खेल का बेहद शौक था। 
  2. बचपन में वे लोकल क्लब के लिए फुटबॉल खेलती थीं।
  3. 2016 में फिजिकल एजुकेशन के एक टीचर ने हिमा को फुटबॉल छोड़़ने की सलाह दी। टीचर के कहने पर उन्होंने एकल स्पर्धा पर ध्यान दिया।
  4. गुवाहाटी स्टेट लेवल चैंपियनशिप में हिमा ने हिस्सा लिया और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के बिना भी 100 मीटर की रेस में कस्य पदक जीता।
  5. जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए हिमा कोयंबटूर गईं। यहां पर भी बिना किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग के हिमा फाइनल राउंड तक पहुंच गई।
  6. हिमा के कोच का नाम नाबजित मलारकर और निपुण दास है।
  7. कोच ने हिमा के पिता से ट्रेनिंग की परमिशन ली और उसे गुवाहाटी ले जाकर ट्रेनिंग शुरू की। 
  8. हिमा का पटियाला नेशनल कैंप में दाखिला तब हुआ, जब हिमा ने कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।
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