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Education for Bharat: : रटने की बजाय अब 'कॉन्सेप्ट' समझने का दौर, शिक्षाविद बोले- एआई से बढ़ रही रचनात्मकता

Sat, 06 Dec 2025 03:47 PM IST
जागृति न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Amar Ujala Education for Bharat: अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत की शुरुआत हो चुकी है। चलिए जानते हैं कि चौथे पैनल में लोटस वैली स्कूल की प्रिसिंपल इंदु यादव और  गूगल फॉर एजुकेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक हेमंत भल्ला ने क्या कहा...
 
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अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत में बोले विशेषज्ञ। - फोटो : अमर उजाला
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) छात्रों की रचनात्मकता को खत्म कर रहा है? इस सवाल का जवाब शनिवार को 'अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत-2025' कॉन्क्लेव में मिला। 'टीचर्स 2.0' सत्र में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एआई छात्रों को 'डंप' (सुस्त) नहीं, बल्कि स्मार्ट बना रहा है।

लोटस वैली स्कूल की प्रिंसिपल इंदु यादव ने रट्टा मारने की प्रवृत्ति को खारिज करते हुए कहा कि हम ऐसे विद्यार्थियों की तलाश करते हैं, जो सच में इनोवेशन और डिस्कवर करना चाहते हैं। विद्यार्थियों को किताबों को रटने पर नहीं, बल्कि कॉन्सेप्ट पर फोकस करना चाहिए।

तकनीक की भूमिका पर उन्होंने कहा कि जेमिनी (Gemini) जैसी तकनीक बच्चों की रचनात्मकता (Creativity) को किल नहीं, बल्कि उसे और बढ़ा रही है। सबकी क्षमताएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए हम तकनीक का उपयोग करके उन्हें गहराई से जानते हैं और उनका अनुभव बढ़ाने के लिए असेसमेंट टेस्ट कराते हैं।

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अमर उजाला एजुकेशन फॉर भारत में बोले विशेषज्ञ। - फोटो : अमर उजाला
गूगल फॉर एजुकेशन के हेमंत भल्ला ने 'स्टूडेंट 2.0' की परिभाषा समझाई। उन्होंने कहा कि जब हम स्टूडेंट 2.0 की बात करते हैं, तो वे छात्र जो बहुत क्यूरियस (जिज्ञासु) हैं और तकनीक से अप-टू-डेट हैं, उन्हें इसमें गिना जा सकता है। एआई के डर को दूर करते हुए हेमंत भल्ला ने कहा कि लोगों को लगता है कि एआई लोगों को डंप बना रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।

एआई हमें वही बताता है जो हमारी किताब में लिखा होता है। जेमिनी और नोटबुक एलएम पढ़ाई की दुनिया में कई बदलाव लेकर आए हैं। आप बुक अपलोड कर उससे जुड़े सवाल पूछ सकते हैं और वह बुक के अनुसार जवाब दे सकता है। ये सुविधाएं शिक्षा की दुनिया में बड़े बदलाव ला सकती हैं।
 
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