अमर उजाला 'एजुकेशन फॉर भारत-2025' कॉन्क्लेव के 'कैंपस टू करियर' सत्र में शिक्षा और उद्योग जगत के दिग्गजों ने एआई के उपयोग और सीखने के तरीकों पर एक राय साझा की। पैनल चर्चा में डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी, राजेंद्र मेहता और पद्मा श्रीनिवासन ने जोर देकर कहा कि तकनीक का मकसद जीवन को आसान बनाना होना चाहिए, न कि जटिल।
एआई सिर्फ एक एप्लीकेशन नहीं
आरआईएसयू के कुलपति डॉ. जवाहर सूरीशेट्टी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि एआई के जरिए जीवन को आसान बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। इसे केवल एक एप्लीकेशन की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे समस्याओं को सुलझाने वाले टूल के रूप में देखना जरूरी है।