CTET 2019 परीक्षा जोकि 7 जूलाई को आयोजित होने वाली है, इस बार भी लाखों की संख्या में उम्मीदवार आवेदन करने जा रहें है, और आवेदन करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी कैसे करनी है ये भी तनाव दिमाग में चल रहा होगा, की किस विषय में ज्यादा ध्यान दिया जाए और कौन-सा विषय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। वैसे तो ये परीक्षा को दो चरणों में आयोजित कराई जाती है। 1 से 5 और 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए। लेकिन आज हम बात करेंगे 1 से 5 तक के शिक्षकों की और बालविकास / शिक्षा शास्त्र विषय की। इस परीक्षा में बालविकास/शिक्षा शास्त्र विषय से सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं और इस विषय के प्रश्नों को काफी घूमा-फिरा कर पूछा जाता है। तो परीक्षार्थी कोशिश करें की सबसे पहले सिलेबस को अच्छे से पढ़े और पूराने प्रश्न-पत्रों के साथ ऑनलाइन मॉक टेस्ट का अभ्यास ज्याद से ज्यादा करें।
CTET 2019 में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र एक महत्वपूर्ण खंड है। इस खंड से 30 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। यह खंड बाल विकास, नैतिक शिक्षा, समावेशी विकास उम्मीदवारों के ज्ञान का आंकलन करने के लिए CTET के प्रश्न पत्र में शामिल होते हैं। CTET 2019 परीक्षा के दृष्टिकोण से 10 सबसे महत्वपूर्ण CTET प्रश्न-उत्तर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को प्रदान कर रहे हैं। CTET परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को इन प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए। इसी के साथ अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के लिए भी प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं। उम्मीदवार हिंदी और अंग्रेजी में प्रश्नों को पढ़ने के लिए आगे की स्लाइड को देखें।
प्रश्नः लॉरेंस कोलबर्ग के नैतिक तर्क के सिद्धान्त की अनेक बातों के लिए आलोचना की जाती है। इस आलोचना के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- कोलबर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरुषों के नमूनों पर आधृत रखा है।
- कोलबर्ग मूं नैतिक तर्क के प्रत्येक सोपान के लिए विशेष उत्तर नहीं दिया है।
- अपनी सैद्धांतिक रूपरेखा पर पहुँचने के लए कोलबर्ग ने पियाजे के सिद्धानतों को दोहराया है।
- कोलबर्ग का सिद्धांत बच्चों के प्रत्युत्तरों पर ध्यान-केन्द्रित नहीं करता।
उत्तरः- 1