शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

छोटी उम्र, बड़ा काम: पर्यावरण को बचाने के लिए 18 देश घूम चुकी है 8 साल की लिसीप्रिया

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 14 Nov 2019 07:06 PM IST
1 of 5
licypriya Kangujam - फोटो : twitter
एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग की तरह, मणिपुर की आठ वर्षीय लिसीप्रिया कंगुजम ने भी अपनी पीढ़ी के लिए स्वच्छ दुनिया की मांग को लेकर मुहिम शुरू की हुई है। लिसीप्रिया का मानना है कि वैश्विक नेताओं को उनके द्वारा कही गई बातों पर कार्य करने की जरुरत है। जून महीने में लिसीप्रिया ने संसद भवन के बाहर खड़े होकर भी प्रदर्शन किया था। उनकी मांग थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में जलवायु परिवर्तन कानून लागू करें। 
विज्ञापन

2 of 5
Licypriya Kangujam - फोटो : twitter
जागरूकता अभियान, रैलियों और प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों की मदद करने के अलावा लिसीप्रिया ने भविष्य के लिए एक 'सर्वाइवल किट' भी तैयार किया है।आईआईटी जम्मू के छात्रों की मदद से इस किट को विकसित किया गया है। किट में एक ग्लास बॉक्स में एक पौधा होता है, जो स्वच्छ हवा प्रदान करने के लिए मास्क से जोड़ा गया है।

लिसीप्रिया ने काफी अंतरराष्ट्रीय मंचो पर वैश्विक नेताओं के सामने पर्यावरण में बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं को कम करने की मांग रखी है। कंगुजम ने पर्यावरण को बचाने की यह मुहिम सात साल की उम्र से शुरू की थी। वे यूएन मुख्यालय में भारत प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय है।  

3 of 5
Licypriya Kangujam - फोटो : twitter
लिसीप्रिया के प्रयासों को कई जगह मान्यता मिली है। जिसमें डॉ एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रन अवार्ड 2019, भारत शांति पुरस्कार 2019, और विश्व बाल शांति पुरस्कार शामिल हैं। साल 2019 में उन्होंने ग्रेटा थनबर्ग के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा युवा पर्यावरणविदों के लिए आयोजित बैठक में भी हिस्सा लिया था। 

लिसीप्रिया ने एक अखबार बताया कि आठ साल की उम्र वे 18 देशों का भ्रमण चुकी हैं, पर जागरूकता अभियान, सम्मेलनों और रैलियों का आयोजन करने के चलते उनकी स्कूली शिक्षा छूट गई है। कंगुजम ने बताया कि छुट्टियों में सब कार्यक्रमों का आयोजन करने के बाद भी पढ़ाई के लिए समय निकालना कठिन हो जाता था। 

4 of 5
Licypriya Kangujam - फोटो : twitter
लिसीप्रिया के पिता केके सिंह ने बताया कि उसकी लड़ाई हमारे लिए भी कठिन है। संसद के सामने प्रदर्शन करने के लिए फरवरी में लिसीप्रिया की पढ़ाई बीच में ही छुट गई। हमारे लिए भी हर हफ्ते दिल्ली जाना मुश्किल था, पर लिसीप्रिया ने वैश्विक नेताओं से अपने भविष्य और ग्रह को बचाने के लिए तत्काल जलवायु पर कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लिसीप्रिया को सही मार्गदर्शन देना हमारे लिए चुनौती है। हम उसे केवल छुट्टी वाले दिन ही अभियान से जुड़े काम करने की सलाह देते है। वह एक आत्म प्रेरित लड़की है।

5 of 5
Licypriya Kangujam - फोटो : twitter
लिसीप्रिया के पिता ने बाताया कि स्कूल छुट जाने के बाद से हम घर पर उसकी शिक्षा पर ध्यान दें रहे है। हालही में  एक प्रतिष्ठित स्कूल से लिसीप्रिया की मुफ्त शिक्षा के लिए प्रस्ताव आया है। कंगजुम देश के सभी बच्चों से पर्यावरण में हो रहे बदलावों को लेकर काम करने का आवाहन कर रही हैं। लिसीप्रिया ने अपने माता-पिता को भी साइकिल का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
 
ये भी पढ़ें : स्कूल बनाने वाले शख्स को धोकर इस्त्री करना चाहती है ये बच्ची, वायरल हो रहा वीडियो
विज्ञापन

Recommended Videos

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।