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भुवनेश्वर में के. सिवन ने बताया- अगले दो साल में क्या-क्या करेगा इसरो

Sat, 21 Sep 2019 07:07 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • आईआईटी भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए इसरो प्रमुख डॉ. के. सिवन
  • स्टूडेंट्स के सामने खोले अपने कई राज, बताया सफलता का सही मतलब
  • इसरो प्रमुख ने आने वाले मिशनों की भी दी जानकारी
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इसरो प्रमुख के. सिवन - फोटो : Social Media
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) के अध्यक्ष डॉ. के. सिवन शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में थे। वह आईआईटी भुवनेश्वर (IIT Bhubaneswar) के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यहां इसरो प्रमुख ने ग्रेजुएट्स को डिग्री प्रदान की और विद्यार्थियों को संबोधित भी किया। अपने इस संबोधन में डॉ. के. सिवन ने इसरो के आने वाले मिशनों के साथ-साथ खुद के बारे में भी कई बातें बताईं। वो बातें हम आपको आगे की स्लाइड्स में बता रहे हैं।
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इसरो प्रमुख के. सिवन - फोटो : Social Media
इसरो प्रमुख ने कहा कि गगनयान भारत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि यह मिशन देश की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की क्षमता को बढ़ाएगा। इससे विज्ञान के क्षेत्र में देश की ताकत बढ़ेगी। डॉ. सिवन ने ये भी बताया कि अगले दो सालों में इसरो क्या-क्या करेगा। इसकी जानकारी नीचे दी गई है-
  • 2020 दिसंबर - भारत का पहला मानव रहित स्पेस फ्लाइट मिशन
  • 2021 जुलाई - भारत का दूसरा मानव रहित स्पेस फ्लाइट मिशन
  • 2021 दिसंबर - भारत का पहला मानव मिशन, जिसे देश में ही निर्मित रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जाएगा।
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ISRO Chief K Sivan - फोटो : PTI
डॉ. सिवन ने कहा कि 'ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि भारत गरीब देश है। ऐसे में उन्हें स्पेस रिसर्च पर पैसे खर्च नहीं करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है। इसके उन्होंने ये कारण बताए-
  • जीडीपी के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में सातवीं सबसे बड़ी और पर्चेजींग पावर पैरिटी (PPP) के अनुसार तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
  • हम दूध के उत्पादन में पहले स्थान पर हैं।
  • रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट्स के मामलों में भी हम नंबर-1 हैं।
  • चावल और गेहूं के उत्पादन में भी भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है।

आगे पढ़ें, इसरो प्रमुख ने अपने बारे में बताई रोचक बातें..

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k sivan - फोटो : PTI
डॉ. के. सिवन ने बाताया कि 'मेरी पूरी शिक्षा सरकारी संस्थानों से हुई है। जब मैं युवा था, काफी शर्मीला था। जहां तक मेरे करियर की बात है, तो मुझे कभी वो नहीं मिला जो मैंने पहली बार में चाहा। पहले मैं इंजीनियरिंग करना चाहता था, लेकिन बीएससी मैथ्स करना पड़ा। बाद में इंजीनियरिंग की। इसके बाद मैं आईसैट ज्वाइन करना चाहता था, लेकिन वीएसएससी (VSSC) ज्वाइन किया। यहां भी मैं कुछ और ज्वाइन करना चाहता था, लेकिन मुझे PSLV प्रोजेक्ट मिला। इससे मैनें सीखा कि जिंदगी और करियर बेस्ट च्वाइस के बारे में नहीं है। जरूरी ये है कि आपको मिले अवसर से आप कैसे बेस्ट निकाल पाते हैं।' 
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आईआईटी भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में इसरो प्रमुख के. सिवन - फोटो : Social Media
आईआईटी के दीक्षांत में डॉ. सिवन ने कहा, 'यहां आकर मुझे अपने कॉलेज के दिन याद आ गए। बतौर मुख्य अतिथि यहां आना मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं यहां खड़ा सबसे भाग्यशाली इंसान हूं।'
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इसरो अध्यक्ष के सिवन - फोटो : ANI
डॉ. सिवन ने स्टूडेंट्स से कहा कि हमेशा खुद से ये पूछें कि कोई काम कैसे अलग तरीके से किया जा सकता है, जो पारंपरिक तरीकों से अलग हो। अपने क्रेजी आइडियाज को रोकें नहीं। क्योंकि सबसे क्रेजी आइडिया दुनिया में सबसे सफल साबित हुए हैं।

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कलामसैट बनाने वाले स्टूडेंट्स के साथ इसरो अध्यक्ष के सिवन (फाइल) - फोटो : ANI
डॉ. सिवन ने कहा कि हमें महान लोगों से प्रेरणा जरूर लेनी चाहिए। लेकिन उन्हें या किसी के आइडिया को कॉपी नहीं करना चाहिए। अगर आप अब्दुल कलाम बनना चाहते हैं, तो उनकी तरह हेयर स्टाइल कॉपी नहीं करें। बल्कि उनके द्वारा दिए संदेशों को समझें।

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