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CBSE Board Exam: सीबीएसई का टू-एग्जाम फॉर्मूला, छात्रों के लिए क्या बदलेगा? जानें सभी सवालों के जवाब

Wed, 26 Feb 2025 12:40 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  ने साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों को अपनी परफॉर्मेंस सुधारने के अधिक अवसर मिलेंगे। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा के तनाव को कम करना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाना है।
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CBSE Board Exam - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
CBSE Board Exam: शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को अधिक अवसर देना और परीक्षा का तनाव कम करना है।

अब तक, छात्र एक ही बोर्ड परीक्षा में अपने प्रदर्शन पर निर्भर रहते थे, लेकिन टू-एग्जाम फॉर्मूला लागू होने के बाद वे साल में दो बार परीक्षा दे सकेंगे, जिससे उन्हें अपनी तैयारी सुधारने और बेहतर स्कोर करने का अवसर मिलेगा।

इस बदलाव से सिलेबस, मार्किंग पैटर्न, परीक्षा प्रणाली और छात्रों की रणनीति में क्या बदलाव आएंगे? यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा? और छात्रों के लिए यह कितना फायदेमंद होगा? आइए, इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं।
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CBSE Board Exams - फोटो : freepik

प्रश्न- कब से लागू होगी दो बार परीक्षा की व्यवस्था?  

उत्तर- यह नई प्रणाली शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी यानी साल 2026 से बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। मसौदा मानदंडों के अनुसार, परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण 5 से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा।
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CBSE Board Exam - फोटो : freepik

प्रश्न- क्या छात्रों को दोनों परीक्षाएं देना अनिवार्य होगा? 

उत्तर-  नहीं। छात्रों के पास तीन विकल्प होंगे:  
  • वे साल में सिर्फ एक बार परीक्षा दे सकते हैं।  
  • वे चाहें तो दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।  
  • यदि किसी विषय में अंक कम आते हैं, तो वे सिर्फ उसी विषय की दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

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Registration - फोटो : freepik

प्रश्न- क्या दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन और फीस देनी होगी?

उत्तर- नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन एक ही बार होगा, लेकिन परीक्षा फीस दो बार देनी होगी, जो एक साथ जमा होगी। इसके अलावा, दोनों परीक्षाएं एक ही परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएंगी।
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CBSE Board Exams - फोटो : freepik

प्रश्न- क्या दूसरी परीक्षा के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा भी दो बार होगी?

उत्तर- नहीं। प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल एग्जाम एक ही बार होंगे जो पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में संपन्न कराए जाएंगे। इसके अलावा, दोनों ही परीक्षाओं का सिलेबस अलग-अलग नहीं होगा। दोनों परीक्षाएं पूरा सिलेबस कवर करेंगी। परीक्षा का पैटर्न और प्रश्नपत्र का प्रारूप दोनों बार एक जैसा रहेगा। 
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CBSE Board Exams - फोटो : freepik

प्रश्न- दोनों परीक्षाएं देने पर रिजल्ट कैसे तय किया जाएगा?

उत्तर- यदि छात्र दोनों परीक्षाएं देते हैं, तो जिस परीक्षा में उच्चतम अंक आएंगे, वही फाइनल मार्क्स में गिने जाएंगे। यदि दूसरी परीक्षा में कम अंक आते हैं, तो पहली परीक्षा के अंक ही मान्य होंगे। सभी छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट दूसरी परीक्षा के बाद जारी किया जाएगा 
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CBSE Board Exams - फोटो : freepik

प्रश्न - क्या सप्लीमेंट्री परीक्षा (पूरक परीक्षा) का विकल्प मिलेगा?

उत्तर- नहीं। अब 10वीं की पूरक परीक्षा (सप्लीमेंट्री एग्जाम) समाप्त कर दी जाएगी। छात्रों को अपने अंकों में सुधार के लिए दो बार परीक्षा देने का ही मौका मिलेगा। यदि छात्र शुरू के पांच और मुख्य विषय जैसे हिंदी, मैथ्स, सोशल साइंस, साइंस और इंग्लिश में से किसी एक में भी फेल हो जाता है तो उसे सभी विषयों के एग्जाम दूसरी बार होने वाली परीक्षा में देने होंगे।
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