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एक लड़की की जिद के आगे झुक गया बिहार, कोर्ट ने पलटा शिक्षा बोर्ड का फैसला

Mon, 23 Oct 2017 10:18 AM IST
amarujala.com- Presented by : अपूर्वा राय
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प्रियंका सिंह
बार-बार फेल किए जाने से परेशान बिहार बोर्ड की छात्रा प्रियंका ने जब साहस दिखाया तो पटना हाईकोर्ट उसे पास का प्रमाणपत्र दिलाने पर मजबूर हो गया। खुद की काबिलियत पर विश्वास और अन्याय के आगे न झुकने के जज्बे के कारण अब प्रियंका के हाथों में न केवल हाईस्कूल पास का प्रमाणपत्र है, बल्कि वह टॉप-10 छात्रों की फेहरिस्त में शामिल हो गई है। सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अंतर्गत सिटानाबाद पंचायत के गंगा प्रसाद टोले की प्रियंका सिंह के मामले में पटना हाईकोर्ट ने बिहार परीक्षा बोर्ड पर पांच लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।
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साथ ही मैट्रिक परीक्षा 2017 की सभी आंसर शीट सुरक्षित रखने का निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। समिति के प्रशाखा पदाधिकारी अंजनी सिन्हा ने बताया कि सहरसा के सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है। प्रियंका की जिद ने बोर्ड के सबसे बड़े घोटाले का भंडाफोड़ कर दिया व अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। पटना हाईकोर्ट ने प्रियंका की कॉपी जांचने के बाद पाया है कि पास होने के बावजूद बोर्ड ने उसे फेल घोषित कर दिया है। उसकी कॉपी बदल दी गयी थी। उसके बदले किसी और को पास कर दिया गया था।
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प्रियंका ने मैट्रिक की परीक्षा डीडी हाई स्कूल, सरडीहा (सहरसा) से दी थी. जिसका रौल कोड 41047 और रौल नंबर 1700124 था। उसे संस्कृत में मात्र 9 अंक मिले जिसके कारण वह फेल हुई, जबकि साइंस में मिला अंक भी कम लग रहा था। बोर्ड की रिजल्ट में वह फेल थी। प्रियंका ने आंसर-शीट की स्क्रूटनी के लिए फार्म भरा, लेकिन बोर्ड ने नो चेंज कहकर प्रियंका को फिर से फेल करार दिया। 

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प्रियंका हाईकोर्ट पहुंची तो बोर्ड ने उसके दावे को यहां भी झुठलाने की कोशिश की। उस पर कोर्ट और बोर्ड का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया। प्रियंका अपने भरोसे पर अड़ी रही वो कहती रही कि फेल हूं तो कोर्ट मेरी आंसर-शीट दिखवायें। हाईकोर्ट ने आंसर शीट दिखाने को बोर्ड के कहे अनुसार 40 हजार रुपये जमा करने को कहा व दावा गलत निकलने पर रुपये जब्त हो जाने की बात कही। प्रियंका ने पैसे जमा कराये। प्रियंका ने जज से मांग कर कॉपी देखी तो पाया कि कॉपी ही बदला गई है। इसके बाद उसने कॉपी बदलने का आरोप लगाकर न्याय की मांग की। 
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प्रियंका के कॉपी बदलने संबंधी दावों के मद्देनजर हाईकोर्ट ने उसे सामने बैठकर हैंडराइटिंग का नमूना देने को कहा। कोर्ट ने भी पाया कि प्रियंका की आंसर शीट की लिखावट और उसकी मूल हैंडराइटिंग से मैच नहीं खाती। आंसर शीट की तलाश शुरू हुई। मालूम हुआ कि प्रियंका की आंसर शीट में बार कोडिंग गलत तरीके से हुई थी जिससे प्रियंका की आंसर-शीट से दूसरी छात्रा संतुष्टि कुमारी को संस्कृत और साइंस में फेल से पास कर दिया गया। जबकि प्रियंका पास से फेल कर दी गयी थी।
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