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Board Exam 2025: छात्रों में है परीक्षा का डर? तो जान लीजिए 'एग्जामोफोबिया' से बचने के उपाय, ऐसे पाएं काबू

Tue, 18 Feb 2025 09:23 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Examophobia: छात्रों में है परीक्षा का डर होना ज्यादा परेशान करने वाली स्थितियों में से एक है। इसे 'एग्जामोफोबिया' भी कहता हैं। इस डर से बचने के लिए यहां कुछ टिप्स बताए गए हैं।
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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
Board Exam 2025: कई बार छात्रों में परीक्षा का डर हद से ज्यादा बढ़ जाता है, जिसके कारण वे ठीक से तैयारी नहीं कर पाते हैं। इसे एग्जाम फोबिया कहते हैं। इसकी वजह से कई बार तो सवाल का जवाब आते हुए भी नहीं लिख पाते हैं। लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।

आपका बच्चा भी क्या इन दिनों चिड़चिड़ा हो गया है? उसे बात-बात पर बहुत गुस्सा आता है। यहां तक कि हंसी-खुशी के माहौल में भी वह गुस्सा करता है, तो सावधान होने की जरूरत है। यह गुस्सा और चिड़चिड़ापन परीक्षा के कारण होने वाला तनाव सकता है। परीक्षा में अच्छे नंबर लाने का दबाव इन दिनों छात्रों पर बहुत ज्यादा है। अध्यापकों के साथ-साथ अभिभावक भी चाहते हैं कि बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर टॉप करें। इन उम्मीदों के बोझ तले दबे छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं, जिससे उन्हें एग्जाम फोबिया की शिकायत हो रही है।
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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
लक्षणों की पहचान: अगर बच्चे ने अपना पसंदीदा काम करना बंद कर दिया है, वह अच्छी नींद नहीं ले रहा है या खाना ठीक से नहीं खा रहा है, तो ये सब एग्जाम फोबिया के लक्षण हो सकते हैं। समस्या बढ़ने पर अधिक पसीना आना, मतली, उल्टी या दस्त, पेट में दर्द, धड़कनों का अचानक तेज होना, सांस लेने में परेशानी, सिर दर्द आदि हो सकता है।

इसके भावनात्मक लक्षणों में परिणाम और परीक्षा की तैयारी को लेकर खुद पर भरोसा न होना, फेल होने का डर, हर समय तनाव और निराशा महसूस होना, हर छोटी-बड़ी बात पर गुस्सा आना, घबराहट, बेचैनी या परेशानी महसूस हो सकती है। इसका सामना करने वालों में पैनिक अटैक भी देखे जाते हैं।
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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
कैसे काबू पाएं: परीक्षा का डर एक आम समस्या है, लेकिन सही रणनीति अपनाकर इसे दूर किया जा सकता है। सबसे पहले एक स्टडी प्लान बनाएं और रिवीजन के लिए समय निकालें। हर एक घंटे बाद कुछ मिनटों के लिए उठें, स्ट्रेच करें। इससे थकान कम होगी और एकाग्रता बनी रहेगी। 8-9 घंटे की नींद जरूर लें। 

रोजाना हल्का व्यायाम या योग करने से दिमाग शांत रहेगा और एकाग्रता बढ़ेगी। दूसरों से अपनी तुलना न करें और सकारात्मक रहें। अभिभावक बच्चों को प्रोत्साहित करें और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि वे सफल होंगे। इसके अलावा उन्हें सुबह उठकर टहलने के लिए प्रेरित करें। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी और पढ़ाई में मन लगेगा।

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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
डायट का ख्याल: एग्जाम के दौरान शरीर और मतिष्क को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है, इसलिए फल, दूध, ड्राई फ्रूट्स, ओट्स, बींस, शकरकंद, ताजा जूस, हरी सब्जियां, नारियल पानी, पनीर, दही, छाछ का सेवन करें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। फास्ट फूड से पूरी तरह बचें।
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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
सिर्फ नंबरों के बारे में न सोचें: कई बार अभिभावक बच्चे से अत्यधिक उम्मीद लगा बैठते हैं। उन्हें बच्चे की क्षमताओं को समझना होगा और उनकी तुलना दूसरे बच्चों से करने से बचना होगा। तुलना करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित करते रहें।
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Board Exam 2025 - फोटो : freepik
थेरेपी है मददगार: काउंसलिंग और साइकोथेरेपी की मदद से बच्चों को परीक्षा का डर दूर करने में बहुत मदद मिलती है। इस थेरेपी में बच्चों को तनाव से निपटने के तरीके सिखाए जाते हैं और परीक्षा के समय शांत रहने के टिप्स दिए जाते हैं। अगर कोई बच्चा एग्जाम के डर से पढ़ाई नहीं कर पा रहा है या एग्जाम हॉल में घबराने लगता है तो इससे मदद मिल सकती है। 
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