Personal Growth: अक्सर ज्यादा मेहनती, महत्वाकांक्षी या पूर्णता की तलाश में रहने वाले लोग खुद के प्रत्ति सख्त बने रहना ही सफलता का आधार मानते हैं, जबकि सच इसके विपरीत है। शोध बताते हैं कि लगातार ऐसा करना शरीर को वैसे ही तनाव में डालता है, जैसे कोई वास्तविक खतरा सामने हो। इससे कॉर्टिसोल नामक हार्मोन बढ़ता है और सेहत बिगड़ती है।
इसके विपरीत, आत्म-करुणा यानी खुद के प्रति दयालु दृष्टि रखना, बर्नआउट से बचाते हुए इन्सान को मजबूत बनाती है। असल मायने में यह अपनी कमियों को स्वीकारने और गलतियों को इन्सानी फितरत का हिस्सा मानने की कला है। सबसे खास बात यह है कि आप कुछ सरल तरीकों के जरिये आत्म-करुणा को बेहद आसानी से सीख और अपना सकते हैं।