माइक्रोबायोलॉजी
यह माइक्रोस्कोपिक जंतुओं जैसे बैक्टीरिया, वायरस, पर्यावरण में मानव, जानवर, पेड़-पौधों व अन्य जंतुओं की स्टडी होती है। माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के रिसर्च हमें बताते हैं कि अलग-अलग माइक्रोऑर्गेनिज्म किस तरह हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। इसके अंतर्गत वायरोलॉजी, बैक्टीरियोलॉजी, पारासाइटोलॉजी, माइकोलॉजी जैसे सब-फील्ड की भी पढ़ाई की जा सकती है।
इसके जरिए क्लिनिकल रिसर्चर, रिसर्च साइंटिस्ट, लैब टेक्नीशियन, क्लाविटी कंट्रोल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड इंडस्ट्री, हेल्थ सेक्टर, ब्रिवरीज, डिस्टिलरीज, एग्रीकल्चर जैसे कई क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।