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करियर: कॉलेज के दिनों में ही सीख लें ये 10 स्किल्स, आगे चलकर बहुत काम आएंगी, जल्दी सीखने के टिप्स भी जानें

Sun, 04 Oct 2026 07:00 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

10 Essential Skills For College Students: कॉलेज की पढ़ाई जरूरी है, लेकिन सिर्फ डिग्री और अच्छे अंक ही हर स्थिति के लिए काफी नहीं होते। रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज में काम आने वाली कुछ व्यावहारिक क्षमताएं छात्रों को कॉलेज के दिनों से ही विकसित करनी चाहिए। कॉलेज के दिनों में ही पढ़ाई के साथ-साथ छात्र यहां बताई गई 10 स्किल्स पर भी धीरे-धीरे काम कर सकते हैं।
 
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Skills For Job - फोटो : AI Generated
10 Essential Skills For College Students: कॉलेज में पढ़ाई के दौरान छात्रों का ध्यान अक्सर परीक्षा, अंक और डिग्री पर रहता है। यह जरूरी भी है। लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद सामने आने वाली कई स्थितियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं होता। नौकरी के साक्षात्कार में अपनी बात रखना हो, किसी अधिकारी को स्पष्ट ईमेल लिखना हो, समय का सही इस्तेमाल करना हो या किसी समस्या का समाधान ढूंढना हो, इन सभी कामों में कुछ व्यावहारिक कौशल काम आते हैं।
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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

कम्युनिकेशन: अपनी बात साफ तरीके से रखना सीखें

कम्युनिकेशन यानी संवाद करने की क्षमता लगभग हर क्षेत्र में काम आती है। आप किसी विषय के बारे में कितना जानते हैं, यह महत्वपूर्ण है। लेकिन अपनी जानकारी और विचार को सामने वाले तक स्पष्ट तरीके से पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है। इंटरव्यू, कक्षा में प्रस्तुति, शिक्षकों से बातचीत या भविष्य में टीम के साथ काम करने में इसकी जरूरत पड़ सकती है। किसी भी विषय पर दो मिनट अपने शब्दों में बोलने का अभ्यास करें। अपनी आवाज रिकॉर्ड करके सुनें। ध्यान दें कि आप कहां अनावश्यक रूप से रुक रहे हैं या कौन-से शब्द बार-बार बोल रहे हैं। नियमित अभ्यास के साथ बोलने का तरीका बेहतर किया जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

कंटेंट राइटिंग: अच्छा लिखना आना चाहिए

लेखन को केवल लेखक या पत्रकार के काम से जोड़ना सही नहीं है। नौकरी में ईमेल लिखने, आवेदन करने, किसी विचार को समझाने और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कामों में भी इसकी जरूरत पड़ती है। अच्छा लेखन मुश्किल शब्दों से नहीं बनता। अपनी बात को कम शब्दों में, साफ और आसानी से समझ आने वाले तरीके से लिख पाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके लिए रोज एक छोटा पैराग्राफ लिखने की आदत डाली जा सकती है। किसी किताब से मिली सीख या किसी विषय पर अपना विचार भी लिखा जा सकता है।

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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

पब्लिक स्पीकिंग: लोगों के सामने बोलने का डर कम करें

पब्लिक स्पीकिंग का मतलब केवल मंच पर भाषण देना नहीं है। इसका मतलब किसी व्यक्ति या समूह के सामने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने से भी है। कक्षा में प्रस्तुति से लेकर नौकरी के साक्षात्कार तक यह क्षमता काम आ सकती है। शीशे के सामने बोलें। मोबाइल कैमरे पर दो-तीन मिनट बोलकर रिकॉर्ड करें। रिकॉर्डिंग देखकर अपनी कमियों को पहचानें। शुरुआत में झिझक होना सामान्य है। लगातार अभ्यास से इसमें सुधार किया जा सकता है।
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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

टाइम मैनेजमेंट: समय कम है या सही जगह इस्तेमाल नहीं हो रहा?

टाइम मैनेजमेंट का मतलब दिन के हर मिनट के लिए कठोर समय-सारणी बनाना नहीं है। इसका एक जरूरी हिस्सा यह समझना भी है कि आपका समय वास्तव में कहां जा रहा है। कई बार छात्र कहते हैं कि पढ़ाई के लिए समय नहीं मिलता। ऐसे में अपनी दिनचर्या को कुछ दिनों तक देखना उपयोगी हो सकता है। एक सप्ताह तक यह नोट करें कि आपका समय किन कामों में जा रहा है। इससे पता चल सकता है कि समस्या वास्तव में समय की कमी है या प्राथमिकताएं तय करने की।
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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

फाइनेंशियल लिटरेसी: पैसे की बुनियादी समझ अभी से जरूरी

वित्तीय साक्षरता का मतलब केवल निवेश करना सीखना नहीं है। इसमें पैसे को संभालना, बजट बनाना, बचत, ब्याज और जोखिम जैसी बुनियादी बातों को समझना भी शामिल है। छात्र जीवन में इन विषयों की बुनियादी जानकारी आगे चलकर रोजमर्रा के वित्तीय फैसलों में मदद कर सकती है। कमाई शुरू होने के बाद अपने पैसों से जुड़े सामान्य फैसलों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर न रहना एक उपयोगी क्षमता हो सकती है।
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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

एआई: एआई तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को समझना क्यों जरूरी है?

तकनीक अब केवल इंजीनियरिंग या कंप्यूटर से जुड़े क्षेत्र तक सीमित नहीं है। अलग-अलग पेशों में डिजिटल साधनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। छात्रों को कम से कम दस्तावेज बनाना, प्रस्तुति तैयार करना और स्प्रेडशीट का इस्तेमाल जैसी बुनियादी चीजें सीखनी चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साधनों का इस्तेमाल भी समझा जा सकता है। लेकिन इन्हें अपनी सोच और काम का पूरा विकल्प बनाने के बजाय सहायक साधन की तरह इस्तेमाल करना ज्यादा उपयोगी है।

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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

प्रॉब्लम सॉल्विंग: समस्या आने पर तुरंत जवाब मांगने के बजाय क्या करें?

जिंदगी और काम में हर समस्या का तैयार समाधान नहीं मिलता। किसी परियोजना में रुकावट आ सकती है, करियर को लेकर असमंजस हो सकता है या बनाई गई योजना काम नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में पहला सवाल यह हो सकता है कि "अब मैं क्या कर सकता हूं?" समस्या को छोटे हिस्सों में बांटकर देखना मददगार हो सकता है। कोई समस्या आने पर तुरंत किसी दूसरे से समाधान पूछने के बजाय कुछ समय खुद सोचने की आदत भी विकसित की जा सकती है।

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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

एनालिटिकल थिंकिंग: इंटरनेट की हर जानकारी पर भरोसा क्यों नहीं करना चाहिए?

आज जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन हर जानकारी सही या विश्वसनीय हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को स्वीकार करने से पहले कुछ सवाल पूछे जा सकते हैं, जैसे- जानकारी का मूल स्रोत क्या है? क्या स्रोत विश्वसनीय है? क्या इसके समर्थन में प्रमाण मौजूद हैं? क्या इस विषय का कोई दूसरा पहलू भी हो सकता है? यही विश्लेषणात्मक सोच (analytical thinking) है। ज्यादा जानकारी होना और सही जानकारी को पहचान पाना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।

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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

नेटवर्किंग: लोगों से वास्तविक और सार्थक संबंध रखें

नेटवर्किंग का मतलब सिर्फ ज्यादा से ज्यादा लोगों से संपर्क बनाना नहीं है। अपने क्षेत्र के लोगों से वास्तविक और सार्थक संबंध (Networking) बनाना भी इसका हिस्सा है। छात्र अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों के काम को समझ सकते हैं, उनसे प्रासंगिक सवाल पूछ सकते हैं और संबंधित कार्यक्रमों या समुदायों में हिस्सा ले सकते हैं। सिर्फ यह सोचने के बजाय कि सामने वाले से क्या फायदा मिलेगा, यह सोचना भी उपयोगी है कि आप सामने वाले के लिए क्या उपयोगी योगदान दे सकते हैं।

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Career Tips - फोटो : Adobe Stock

सेल्फ लर्निंग: खुद सीखने की आदत डालें

स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई एक समय पर पूरी हो जाती है, लेकिन सीखने की जरूरत खत्म नहीं होती। इसी वजह से खुद सीखने की क्षमता लंबे समय तक काम आने वाली आदत बन सकती है। किताबें पढ़ना, ऑनलाइन पाठ्यक्रम करना, शैक्षणिक वीडियो देखना, नए प्रयोग करना और अपनी गलतियों से सीखना इसके तरीके हो सकते हैं। तकनीक और काम करने के तरीके लगातार बदलते रहते हैं। ऐसे में नई चीजें सीखने की आदत व्यक्ति को बदलाव के साथ आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik

क्या एक साथ सभी 10 कौशल सीखना जरूरी है?

नहीं। इन सभी पर एक साथ काम करने के बजाय एक समय में एक कौशल चुनना ज्यादा व्यावहारिक तरीका हो सकता है। 30 दिन का आसान तरीका अपनाया जा सकता है:
  • पहले एक कौशल चुनें।
  • 30 दिन तक नियमित रूप से उसका अभ्यास करें।
  • अपनी प्रगति को नोट करें।
  • 30 दिन बाद अगले कौशल पर काम शुरू करें।
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