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Delhi Pollution: लगातार तीसरे दिन हवा में सुधार, लेकिन खतरा अभी टला नहीं, 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज AQI

Tue, 08 Nov 2022 09:54 AM IST
Digvijay Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सालाना एक्यूआई रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल जनवरी से लेकर जून माह तक एक भी दिन प्रदूषण कम नहीं हुआ। जुलाई में महज एक दिन ही हवा की गुणवत्ता को बेहतर माना गया था। इस रिपोर्ट को लेकर 
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दिल्ली में छाई धुंध - फोटो : ANI
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में लगातार तीसरे दिन सुधार हुआ है। लेकिन हवा की गुणवत्ता अभी भी बहुत खराब क्षेणी में बनी हुई है। मंगलवार को भी दिल्ली के आसमान में धुंध की छाई हुई है। दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'बहुत खराब' श्रेणी में 321 पर बना हुआ है।
 
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दिल्ली में काली धुंध - फोटो : एएनआई
काली धुंध की चादर में लिपटी दिल्ली-एनसीआर की यह हालत बीते एक या दो सप्ताह से नहीं, बल्कि पूरे साल प्रदूषण की गिरफ्त में रहने से है।इस पूरे साल 312 में से केवल नौ दिन उत्तर भारतीयों ने साफ हवा में सांस ली है जिसमें दिल्ली, एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल व उत्तराखंड के शहरी क्षेत्र शामिल हैं। 
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अभी भी जहरीली बनी है दिल्ली की हवा - फोटो : ANI
सालाना एक्यूआई रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल जनवरी से लेकर जून माह तक एक भी दिन प्रदूषण कम नहीं हुआ। जुलाई में महज एक दिन ही हवा की गुणवत्ता को बेहतर माना गया था। इस रिपोर्ट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सिर्फ पराली या शुष्क मौसम ही प्रदूषण का कारण नहीं है। पूरे उत्तर भारत में लंबे समय से हवा जहरीली है लेकिन सरकारों के प्रयास नाकाफी हैं। 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मौसमी परिस्थितियों के अनुकूल होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवाओं में लगातार दूसरे दिन सुधार हुआ। सुधार होते ही केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता एजेंसी सीएक्यूएम ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण वापस लेने की घोषणा कर दी। इससे दिल्ली-एनसीआर में गैर बीएस-6 हल्के वाहनों व ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी। जरूरी निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे
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हवा में AQI का स्तर हुआ कम - फोटो : ANI
दिल्ली की हवा में AQI का स्तर कम होने के बाद दिल्ली सरकार ने स्कूल खोलने और सरकारी कार्यालय के लिए वर्क फ्रॉम होम के फैसले को वापस ले लिया है। दिल्ली-नोएडा में 9 नवंबर यानी बुधवार से प्राइमरी स्कूल खुल जाएंगे। बता दें कि हाल ही में पांचवीं तक के स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया था। दरअसल 3 नवंबर को प्रदूषण की हेल्थ इमरजेंसी को देखते हुए कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रैप-4 की सख्त पाबंदियों को लागू किया था जो अब हवा में सुधार के साथ हटा दिया गया है। GRAP-4 को भले हटा लिया गया है। लेकिन ग्रैप-1 से ग्रैप-3 तक जारी पाबंदियां अभी जारी हैं। 
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खराब हवा से सेहत पर असर - फोटो : अमर उजाला
राजधानी दिल्ली-एनसीआर में जारी वायु प्रदूषण को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी चिंताकारक मान रहे हैं। हवा की खराब गुणवत्ता का लोगों की सेहत पर सीधा असर देखा जा रहा है। दिल्ली स्थित अस्पताल में आपातचिकित्सा विभाग के डॉ विक्रमजीत सिंह ने बतााया कि इन दिनों आईसीयू में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी है उनके लिए इस तरह का दूषित वातावरण बेहद नुकसानदायक माना जा रहा है। वहीं कई नए रोगियों में सांस की समस्या, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मामलों का निदान किया जा रहा है।
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दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर - फोटो : अमर उजाला
डॉ. विक्रमजीत सिंह ने बतााया कि फेफड़ों तक हवा को पहुंचाने वाली नलियों में कई कारणों से सूजन हो सकती है वायु प्रदूषण इसका एक कारण है। यह सूजन ब्रोंकाइटिस की समस्या का कारण बनती है। ब्रोंकाइटिस के कारण खांसी के साथ गाढ़ा बलगम आने की दिक्कत हो सकती है। सर्दी या अन्य श्वसन संक्रमण के कारण इस समस्या का होना काफी सामान्य माना जाता है।
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नोएडा और गाजियााबाद की हवा भी जहरीली - फोटो : ANI
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता आज भी खराब है। हालांकि, बीते दिनों के मुकाबले में इसमें कुछ सुधार जरूर हुआ है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘गंभीर’ से ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) वर्तमान में नोएडा और गाजियााबाद में भी 'बहुत खराब' श्रेणी के तहत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के साथ कम दृश्यता देखी गई।
 
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