बिसरख कोतवाली प्रभारी अनिल शाही और राम संजीवन की टीम पड़ताल में जुटी थी। अगले दिन छतरपुर, मध्यप्रदेश निवासी धनीराम ने पुलिस से शिकायत की कि उसका भाई लापता है। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम हाउस भेजा, जहां उसने शव की पहचान अपने भाई भूप सिंह के रूप में कर ली।