मंकीपॉक्स संक्रमण दिल्ली पहुंच गया है। रविवार को 31 वर्षीय मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई है। मरीज को दिल्ली सरकार के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में अलग से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, मरीज के संपर्क में रहे परिवार व दोस्तों को आइसोलेट कर दिया गया है। पश्चिम दिल्ली निवासी एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत शख्स ने विदेश यात्रा नहीं की थी। हालांकि, बीते माह 25 जून को वह कार से हिमाचल घूमने गया था। दिल्ली आने के कुछ दिन बाद शख्स की तबियत बिगड़ने लगी और बुखार के साथ शरीर पर दाने होने होने लगे। परेशानी बढ़ने पर शख्स दो दिन पहले लोकनायक अस्पताल पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टरों के मरीज के लक्षण देख संदिग्ध लगा। डॉक्टरों ने मरीज भर्ती कर नमूना जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी(एनआइवी) भेजा था। रविवार को जांच की रिपोर्ट में मंकीपॉक्स की पुष्टि हो गई। आइए जानते हैं मंकीपॉक्स के बारे में सबकुछ..
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क्या है मंकीपॉक्स
मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है। यह चेचक या चिकनपॉक्स के सामान दिखाई देती है। सबसे पहले यह बीमारी 1958 में बंदरों में पाई गई थी, जिसके बाद इसे मंकीपॉक्स नाम दिया गया। वहीं, 1970 में एक युवक में इसका सबसे पहला मामला मिला था।
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मंकीपॉक्स का फैलाव
मंकीपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो कि जानवर से मनुष्यों या एक शख्स से दूसरे शख्स में तेजी से फैलती है। यदि कोई व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क या वायरस युक्त सामग्री के संपर्क में आता है, तो यह फैलता है। संक्रमण को घावों, शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और दूषित सामग्री जैसे बिस्तर से फैलने में मदद मिलती है।
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मंकीपॉक्स के लक्षण
मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर बुखार के साथ-साथ संक्रमित को मांसपेशियों में दर्द, जकड़न और कमजोरी महसूस हो सकती है। संक्रमण बढ़ने पर मरीज के लिम्फ नोड्स में सूजन आती है, जो कि मंकीपॉक्स की सबसे बड़ी पहचान है। वहीं, संक्रमित होने पर मरीज के शरीर में पांच दिनों में ही शरीर पर चेचक यानि माता के निशान बनने लग जाते हैं।
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मुख्य लक्षण
-बुखार
-सिर दर्द
-मांसपेशियों में दर्द
-पीठ दर्द
-सूजी हुई लिम्फ नोड्स
-ठंड लगना
-थकावट
ऐसे करें बचाव
-ऐसे जानवरों के संपर्क में आने से बचें जो बीमार हैं ।
-बीमार जानवर के संपर्क में आने वाली किसी भी सामग्री, जैसे बिस्तर व अन्य संपर्क में आने से बचें।
-संक्रमित जानवरों या मनुष्यों के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छे से धोएं।
-यदि किसी व्यक्ति के मंकीपॉक्स की तरह शरीर पर दाने हैं तो व्यक्ति के शरीर से शरीर को छूने से बचाएं
-मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति द्वारा छू गई किसी भी व्यक्ति को न छूएं। यदि चीजों को छुआ है तो साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोएं।