दिल्ली में हुई बारिश से मौसम हुआ सुहावना
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त में सामान्य तौर पर 233.1 मिमी बारिश होती है, लेकिन पूरे माह सिर्फ 41.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बार निम्न दाब वाला क्षेत्र पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बार-बार बनने के कारण मानसूनी गर्त उत्तरी भारत की तरफ नहीं बढ़ सका। इस वजह से मध्य भारत के राज्य मध्यप्रदेश और गुजरात समेत अन्य राज्यों में बाढ़ वाली स्थिति रही, जबकि उत्तर भारत के राज्यों में सूखा रहा। सितंबर में मध्यप्रदेश और इसके आसपास के राज्यों के ऊपर निम्न दाब वाला क्षेत्र बना, जिसका कुछ प्रभाव दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिला है। हालांकि, अभी भी पूरे माह कोटा पूरा नहीं हो सका है। अगले एक दिनों में मानसून फिर कमजोर पड़ेगा व इसकी विदाई का भी समय आ गया है। सामान्य तौर पर 20 सितंबर के करीब मानसून की विदाई हो जाती है।