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यह पहली बार नहीं जब चिन्मयानंद पर लगे यौन शोषण के आरोप, पहले भी जेल जाते-जाते बचे थे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 20 Sep 2019 01:44 PM IST
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chinmayanand - फोटो : अमर उजाला
अटल सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रह चुके स्वामी चिन्मयानंद आज लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोप में जेल जा चुके हैं। छात्रा ने उन पर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर उसका यौन शोषण करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब चिन्मयानंद पर इस तरह के आरोप लगे हैं। उन पर सात साल पहले भी अपनी एक शिष्या के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लग चुका है। जानिए क्या है वो सात साल पुराना मामला...

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कोर्ट में पेशी के दौरान चिन्मयानंद और जेल जाते चिन्मयानंद (बाएं से दाएं) - फोटो : अमर उजाला
नवंबर 2011 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्वामी चिन्मयानंद की एक शिष्या ने उनके खिलाफ कथित बलात्कार एवं हत्या के प्रयास के आरोप की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तब हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। उसके बाद यह केस पेंडिंग था। 

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पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला
स्वामी चिन्मयानन्द ने आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था। प्राथमिकी के अनुसार, वर्ष 2001 से आरोप लगाने वाली शिष्या राजनीतिक और आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित करने के लिए स्वामी चिन्मयानंद के दिल्ली आवास पर रह रही थी और उनके साथ अनेक स्थानों की यात्रा कर चुकी है।

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स्वामी चिन्मयानंद को ट्रॉमा सेंटर ले जाती एसआईटी की टीम - फोटो : एएनआई
शिष्या ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2005 में स्वामी चिन्मयानन्द के निर्देश पर उन्हें मुमुक्षक आश्रम लाया गया, जहां उन्होंने नशीला पदार्थ खिलाकर उसका यौन शोषण किया और इसका वीडियो बना लिया, जिसके बल पर उसे ब्लैकमेल किया और दो बार उसे गर्भपात भी कराना पड़ा। भाजपा की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने 321 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत केस वापसी को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

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chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
सरकार के इस कदम पर पीड़ित पक्ष की ओर से आपत्ति की गई। पीड़ित पक्ष की आपत्ति पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने चिन्मयानंद के खिलाफ 24 मई 2018 को पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करते हुए उनको 12 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। चिन्मयानंद कोर्ट में पेश नहीं हुए। उन्होंने सीजेएम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। सीजेएम ने सुनवाई के लिए 12 सितंबर 2019 तय कर दी थी।

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chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
12 सितंबर 2019 को सीजेएम शिखा प्रधान की कोर्ट में चिन्मयानंद के वकील ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल की। हाईकोर्ट ने शिष्या से दुष्कर्म मामले में चिन्मयानंद के खिलाफ निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बुधवार को मामले में सुनवाई के बाद सीजेएम शिखा प्रधान ने अगली तारीख 22 नवंबर तय कर दी है।
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