घटनास्थल
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हाईवे का बुरा हाल
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तावडू सीमा क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा के लिए बनाए गए अवैध कटों की संख्या काफी अधिक है। एक्सप्रेसवे की दोनों तरफ लगी रेलिंग जगह-जगह टूटी हुई हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। इसके अलावा, लंबे समय से यहां लाइटिंग व्यवस्था पूरी तरह खराब पड़ी है, जिसकी वजह से रात के समय और घने कोहरे में दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। रोड सेफ्टी एजेंसी की ओर से इस सेक्शन में केवल हल्के वाहनों को उठाने वाली एक हाइड्रा उपलब्ध है, जबकि भारी वाहनों के लिए निजी हाइड्रा की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में आपात स्थिति में काफी देरी हो जाती है।