ढाबे में लोगों की भीड़
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एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबे बन रहे जानलेवा, कैमरे भी खराब
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एक्सप्रेसवे के किनारे बने अवैध ढाबे, होटल और अन्य निर्माण पूरी तरह नहीं हटाए जा सके हैं, जो लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं। मंगलवार को धुलावट टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर आगे हुए दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के चार पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि पुलिस अभी तक हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं कर पाई है, लेकिन स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक्सप्रेसवे किनारे बने अवैध ढाबे की वजह से ही हादसा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, एक ढाबे के पास पहले से एक वाहन खड़ा था, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में आकर टकरा गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से उस वाहन को हटा दिया गया, जिससे जांच और जटिल हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक्सप्रेसवे किनारे अवैध ढाबे और पार्किंग न होती तो कोई वाहन वहां नहीं रुकता और यह हादसा टल सकता था।