ट्विन टावर का मलबा साफ किया जा रहा है।
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छावनी बना रहा चार किमी का इलाका
ट्विन टावर गिराने के दौरान लोगों को नियंत्रित करने, रूट डायवर्जन और किसी अनहोनी से निपटने के लिए इंतजाम बड़ी चुनौती थी। लोगों को घटनास्थल से दूर रखने के लिए चार किमी क्षेत्र में आला अधिकारियों से लेकर सिपाही तक मुस्तैद रहे। एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात थीं। पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
डीसीपी सेंट्रल जोन राजेश एस अभियान के कमांडर थे। पांच एसीपी अब्दुल कादिर, महेंद्र देव सिंह, पीपी सिंह, रजनीश वर्मा सहित पांच सब कमांडर तैनात किए गए। बड़ी संख्या में दरोगा, सिपाही और अन्य पुलिसकर्मी व अधिकारी कड़ी धूप में डटे रहे। वहीं, फरीदाबाद-जेपी फ्लाईओवर पर इंसीडेंट कमांड सेंटर वैन में जिलाधिकारी सुहास एलवाई, पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह और सीईओ नोएडा रितु माहेश्वरी मौजूद रहीं।