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MCD Election: मोबाइल संग बूथ में नहीं मिली एंट्री, वोट कटने पर गरमाई सियासत, आमजन समेत दिग्गज भी नजर आए मायूस

Sun, 04 Dec 2022 10:21 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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रघुबीरनगर मतदान केंद्र पर कतार में लगीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली नगर निगम चुनाव में आयोग से इजाजत मिलने के बाद भी पोलिंग स्टेशन में मोबाइल लेकर बूथ में नहीं जाने देने की शिकायत आम रही। इससे कई मतदाताओं को वापस भी लौटना पड़ा। वहीं, मतदाता सूची से नाम नहीं होने से कई मतदाताओं को मायूस होना पड़ा। आलम यह रहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार भी अपना वोट नहीं दे पाए। सूची में नाम नहीं होने से दल्लूपुरा पोलिंग बूथ से उनको वापस लौटना पड़ा। कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है। वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की भी शिकायत रही कि यमुना विहार इलाके में बड़ी संख्या में वोट काटे गए हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयुक्त से बात कर मामले पर संज्ञान लेने को कहा है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी मतदाताओं के वोट सूची में नहीं होने की बात कही।
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वोट डालने के लिए कतार में खड़े मतदाता - फोटो : अमर उजाला
कई वोटरों का मतदाता सूची से नाम गायब था तो किसी का मतदान केंद्र बदला हुआ था। इसी तरह मोबाइल लेकर मतदान केंद्रों पर जाने की अनुमति नहीं मिलना भी परेशानी का सबब बना रहा। वार्ड नंबर 188 अबुल फजल एन्क्लेव के सिराज मलिक तो राजनीतिक पार्टियों द्वारा वितरित की गई पर्ची लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचे थे। लेकिन पर्ची का मिलान किया गया तो उनका नाम कटा हुआ था। बीएलओ भी उनकी मदद करने में असमर्थता जाहिर करते दिखें। ऐसे में उनका कहना था कि 50 साल की उम्र में यह पहली बार हुआ है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। कमला नगर के एक पोलिंग सेंटर पर मतदाता सूची से कई वोटरों के नाम डिलीट थे। इससे मतदान कर्मियों से इनकी काफी झिकझिक हुई।
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mcd election 2022 - फोटो : amar ujala
उधर, शनिवार देर शाम चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि वोटिंग बढ़ाने के लिए वह इस बार मतदाताओं को मोबाइल के साथ मतदान केंद्र पर जाने की इजाजत दे रहा था। मीडिया से इसकी जानकारी होने के बाद मतदाता बेफिक्र होकर मोबाइल के साथ मतदान केंद्र पहुंचे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उनको अंदर जाने की इजाजत नहीं दी। पुलिस का कहना था कि खबरें उन तक भी मीडिया के जरिए ही आई हैं। अभी तक कोई आधिकारिक निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में वह मोबाइल लेकर सेंटर के अंदर तक नहीं जाने देंगे। इससे निराश मतदाताओं ने परिचितों को मोबाइल सौंपकर वोट दिया। जबकि कई मतदाता वापस लौट गए।

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मतदान के लिए लाइन में खड़े मतदाता - फोटो : अमर उजाला
वोट कटने पर सियासत भी गरमाई
वोट कटने पर राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ने ही अपने-अपने समर्थकों का नाम गायब होने का आरोप एक-दूसरे पर मढ़ा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि करीब एक हजार भाजपा समर्थकों का वोट काटे गए है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कई लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब है, यह एक साजिश का हिस्सा है। इसके जवाब में तिवारी ने कहा कि वोट काटना और जोड़ना दिल्ली सरकार का काम है। इरादतन की गई साजिश कानूनी अपराध है। तिवारी ने चुनाव आयुक्त विजय देव से बात कर पूरे मामले में संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि उनका वोट कट गया है। वह वोट नहीं दे पाए। जब क्षेत्र में अलग-अलग पोलिंग स्टेशन पर गया और देखा कि लाखों लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इसे लेकर चुनाव आयोग को लिखित शिकायत दी है।
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मतदान के लिए लाइन में खड़े मतदाता - फोटो : अमर उजाला
मतदाताओं के नाम नहीं मिलने पर आयोग नेे पल्ला झाड़ा
एमसीडी चुनाव के दौरान रविवार को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार समेत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं मिलने के मामले में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने अपना पल्ला झाड़ा। आयोग का कहना है कि वह न मतदाता सूची में नाम जोड़ता है और न ही नाम हटाता है। इसके अलावा वह मतदाता सूची को भी अंतिम रूप भी नहीं देता है। वह एमसीडी चुनाव के दौरान भारत के निर्वाचन आयोग के अधीन दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली मतदाता का उपयोग करता है। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने व हटाने का कार्य केवल दिल्ली के मुख्य चुनाव कार्यालय करता है।
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