आरोपी कल्याण बैंसला
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हाथ पर पट्टी की असली कहानी
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को देखा गया तो उसे चोटें लगी हुई थीं। यह चोट पुलिस की सख्ती का नतीजा नहीं, बल्कि आरोपी की अपनी नाकाम चालाकी का परिणाम है। दरअसल, दौसा के पास जब पुलिस ने उसे काबू किया, तो कल्याण बैंसला ने पेशाब करने के बहाने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की। भागने की इस कोशिश में वह खुद ही औंधे मुंह गिर पड़ा और उसे चोटें आईं। पुलिस ने बाद में उसे अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार (फर्स्ट-एड) करवाया, जिसके चलते उसके हाथ और शरीर पर पट्टियां नजर आ रही हैं।