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मदनलाल ने समीर की एक न सुनी: मिस्त्री की बात मान लेता तो नहीं गिरता लिंटर, पहले ही जता दिया था हादसे की आशंका

Mon, 20 Feb 2023 10:25 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लोनी (गाजियाबाद)
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निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
लोनी के रूपनगर कॉलोनी में हुई घटना में भूस्वामी मदनलाल शर्मा की लापरवाही सामने आई है। हादसे में मारे गए मिस्त्री समीर और उसके बेटे ने भूस्वामी को सेटरिंग कमजोर और मैटेरियल कम होने की बात कह कर हादसे की आशंका जताई थी लेकिन भूस्वामी ने उनकी बात को टाल दिया था।
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निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
कॉलोनी में निर्माणाधीन फैक्टरी का लिंटर गिरने से समीर की मौत हुई थी। इस हादसे में समीर का बेटा सोहेल भी घायल हुआ था। जिसको दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में रेफर किया था। सोमवार को सोहेल उपचार के बाद घर पहुंचा। उसके पैर पर प्लास्टर है, कमर में गुम चोट आई है। उन्होंने बताया कि मदनलाल की फैक्टरी का निर्माण वह और उनके पिता समीर कर रहे थे। रविवार को सेटरिंग बांधी गई। निर्माणाधीन फैक्टरी के बीच में पिलर नहीं होने और सेटरिंग कमजोर होने की बात उन्होंने मदनलाल को बताई थी। लेकिन भूस्वामी बोल रहा था कि कुछ नहीं होगा, पहले भी डलवाया है। सोमवार को जब काम शुरू हुआ, तब भी उन्होंने भूस्वामी को कहा था कि सेटरिंग में कुछ बल्लियां और लगवा दो लेकिन वह नहीं माना। लिंटर डलने के दौरान सुरात में कुछ स्थानों से सेटरिंग हिलने लगी। उन्होंने फिर से भूस्वामी को कहा। 80 फीसदी काम होने पर सेटरिंग कहीं-कहीं से हिलने लगी। सेटरिंग हिलने पर समीर नीचे जाकर देखने लगे, तभी लिंटर भर-भरा कर गिर गया। इस दौरान 13 लोग दब गए। उनका कहना है कि अगर भूस्वामी समय रहते, मिस्त्री की बात मान लेते, तो यह हादसा नहीं होता।
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निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
सोहेल हुए लाचार, बड़े भाई पर आया घर का जिम्मा
समीर की मौत के बाद परिवार को संभालने का जिम्मा अब सोहेल के भाई अब्दुल पर आ गया है। वह एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और आसपास के बच्चों को पढ़ाते हैं। सोहेल मिस्त्री हैं, चोट लगने के बाद वह बेड रेस्ट पर चले गए हैं। अब अब्दुल को अपने भाई का इलाज भी कराना है और परिवार का भी पोषण करना है। सोहेल ने बताया कि मदनलाल अक्सर उनके पिता से ही काम कराता था। करीब दो साल पहले मदनलाल लोनी बंथला मार्ग स्थित अपने प्लाट पर निर्माण कार्य करा रहा था। उस समय भी सोहेल अपने पिता के साथ काम कर रहे थे। उनके पिता ऊपर छत पर जाकर गार्डर को काट रहे थे। तभी अचानक नीचे गिरने से वह कई महीने चोटिल रहे थे।

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निर्माणाधीन इमारत का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
राजेश की मौत के बाद परिवार पर आया संकट
मूलरूप से बरेली के बेलबुजीया गांव में रहने वाले राजेश काम के लिए 10 वर्ष पहले लोनी आए थे। कुछ दिनों बाद वह पत्नी को साथ ले आए। पिता की मौत के बाद उन्होंने अपने दोनों भाइयों को भी लोनी बुला लिया। दोनों भाइयों भी अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ लोनी आ गए थे। राजेश पहले मिस्त्री थे। बाद में वह ठेकेदार बन गए थे। परिवार में पत्नी तारावती चार बच्चे सूरज (7), काजल (5), सनी (3) और कंधेई (2) है। एक भाई सुनील पत्नी, दो बच्चों के साथ रहता है। दूसरा भाई अनिल पत्नी और एक बच्चे के साथ रहता है। वह ठेली लगाने का काम करता है। 
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अनिल ने बताया कि पिता की मौत के बाद राजेश सभी का ध्यान रखता था। दोनों भाई भी राजेश की बात को मानते थे। पहले वह किराए के मकान में रहते थे। करीब पांच साल पहले उन्होंने लोनी के साईं एंक्लेव कॉलोनी में करीब 54 गज का प्लाट लिया था, जिसको उन्होंने ही बनाया था। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राजेश के परिवार के पालन पोषण के लिए आर्थिक मदद की जाए।
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