म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के...। फिलम दंगल का यह प्रसिद्ध संवाद तो आपने सुना ही होगा। इसे अनूठे तरीके से पेश किया शहर के हिमगिरी कॉलोनी निवासी आचार्य राजेश शर्मा ने। उन्होंने बेटी के विवाह से एक दिन पहले उसे दूल्हा बनाकर बग्घी पर बैठाया। बैंड बाजे की धुन पर घराती झूमते नाचते नजर आए। इसका उद्देश्य सिर्फ बेटियों को समाज में बराबरी से देखने का संदेश देना था।