गाजियाबाद में सराफ अमित वर्मा की हत्या की साजिश बेटी ने अपराध पर आधारित टीवी सीरियल देखकर रची थी। उसने बताया कि वह पिछले छह महीने से खास तौर से इन सीरियल में यह देखती थी कि हत्या के बाद शव को कैसे ठिकाने लगाया जा सकता है। इसके आधार पर ही पूरी साजिश तैयार की थी लेकिन इसे वह पूरी तरह से अंजाम नहीं दे पाई। उससे की गई पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि उसकी साजिश में शव को कार में रखकर जिले की सीमा से दूर ले जाना था लेकिन वह ऐसा कर नहीं सकी। उसे डर था कि अगर और समय बीत गया तो दिन निकल जाएगा और वह पकड़ी जाएगी। इसलिए, घर से दो किमी. दूर पर ही कमला नेहरू नगर के सुनसान रहने वाले इलाके में कार छोड़कर चली गई।
विज्ञापन
2 of 6
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सीओ ने बताया कि वापसी में साजिश के तहत ही वह मेन गेट से घर में नहीं घुसी। उसने मेन गेट की कुंडी बाहर से लगाई और खुद पीछे के दरवाजे से अंदर गई। पुलिस के आने पर उसने कहा कि पिता झगड़ा कर रहे थे और उन्हें घर में बंद करके कहीं चले गए हैं।
विज्ञापन
3 of 6
मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उसने पहले से सोच रखा था कि पुलिस के सवालों का क्या जवाब देना है? लेकिन पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गई। उसने छठी तक ही पढ़ाई की है। इसके बाद स्कूल जाना छोड़ दिया था।
4 of 6
आरोपी पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी ने साफ किए खून के धब्बे
अमित वर्मा के सिर पर प्रहार करने के बाद उनकी पत्नी और बेटी शव को पहली मंजिल से सीढ़ियों से उतारकर नीचे ले गई थीं। इस दौरान सिर में सीढ़ियां लगती रहीं। इससे खून फैल गया।
विज्ञापन
5 of 6
इसी कार में मिला शव
- फोटो : अमर उजाला
बेटी के कहने पर शालू ने खून साफ किया। पुलिस ने वह पोंछा बरामद कर लिया जिससे खून के धब्बे साफ किए गए थे। एक गद्दा खून से सन गया था। इसे धोकर सुखाने के लिए छत पर रख दिया था।
बेटों से कहा, पिता कहीं चले गए
अमित वर्मा के दो बेटे भी हैं। दोनों घर में सो रहे थे। उन्हें पूरे घटनाक्रम का पता ही नहीं चला। सुबह उठने पर मां शालू से पूछा कि पापा रात घर नहीं आए। शालू ने उनसे कह दिया कि वह आए थे लेकिन झगड़े के बाद गुस्से में चले गए।