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Ghaziabad Blast: 500 मीटर तक सुनी गई धमाके की आवाज...दूर तक फैला धूल का गुबार, लोग बोले-ऐसा लगा जैसे भूकंप आया

Thu, 06 Oct 2022 12:26 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के लोनी के निठोरा गांव की बबलू गार्डन कॉलोनी में बुधवार सुबह करीब दस बजे ऑटो चालक मुनीर के घर में रसोई गैस सिलिंडर फट जाने से चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक महिला और एक युवती गंभीर रूप से घायल हैं। लीकेज से लगी आग के बाद हुए जबरदस्त विस्फोट से 60 वर्ग गज का दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। इसके मलबे में दब जाने से चारों की जान गई। दोनों घायलों को लोगों ने पुलिस की मदद से बाहर निकाला। उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के वक्त छह घर में सात लोग ही मौजूद थे। मृतकों में मुनीर की पुत्रवधू रुकैया (26), बेटी सानिया(16), भांजी सबनूर (21) और पोती इनाया (10 माह) हैं। पत्नी मेहराज और पड़ोस की युवती बेबी घायल हैं। मेहराज का एक हाथ कट गया है। उन्होंने बताया कि वह चाय बना रही थी तभी देखा कि लीकेज से सिलिंडर में आग लगी है। वह इनाया को लेकर भागीं लेकिन तभी सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया। धमाके से दीवारें फट गईं, छत उड़ गई और कुछ ही पलों में पूरा मकान गिर पड़ा।
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
मुनीर के मकान में जब विस्फोट हुआ तो धमाके की आवाज करीब 500 मीटर तक सुनाई दी। घटनास्थल के करीब 200 मीटर दूर तक धूल का गुबार फैल गया। साथ ही आसपास के मकान हिल गए। लोगों को एक पल लगा जैसे भूकंप आया हो। कुछ देर बाद पता चला कि मकान गिर गया है। 

 
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और मलबे मे दबे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। करीब 30 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक लोग छह लोगों को मलबे से निकाल चुके थे। कुछ और लोगों के अंदर होने की सूचना होने पर पुलिस भी मलबा हटाने में जुट गई। 

 

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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
घटना की जानकारी पर एसडीएम संतोष कुमार राय, एसपी देहात डॉ. ईरज राजा, सीओ रजनीश कुमार उपाध्याय, तहसीलदार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी वहां जुट गई। भीड़ की वजह से पुलिस प्रशासन को वहां काम करने में बाधा हो रही थी। ऐसे में पुलिस ने डंडा फटाकर लोगों को वहां से हटाया।

 
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
ऊपर मौत का डर, नीचे जिंदगी की तलाश
धमाके के बाद लगभग पूरा मकान गिर गया था लेकिन ऊपर की तरफ एक हिस्सा बचा रह गया था। इसके नीचे मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका थी। ऐसे में यहां भी मलबा हटाकर देखा गया को कोई दबा तो नहीं है। 

 
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
लोग मलबा हटा रहे थे और ऊपर देखे जा रहे थे। डर था कि यह हिस्सा गिर न जाए। लेकिन, हिम्मत रखकर मलबे के ढेर में जिंदगी की तलाश करते रहे। जब मलबे से सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया, इसके बाद जेसीबी की सहायता से मकान के झूल रहे हिस्से को तोड़ा गया।

 
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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
बेहोश हो गईं महिलाएं
घटना के बाद मुनीर के ससुराल के सदस्य पहुंचे। यहां पहुंचकर उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान मुनीर के रिश्तेदार मजरूद्दीन और नूरजहां बेहोश हो गई। लोग उनके मुंह पर पानी की छींटे डालकर होश में लाए।

 

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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
मलबे से मिले पटाखे
रेस्क्यू टीम को मौके से कुछ पटाखे और कागज के रैपर मिले हैं। इनमें बारूद होने की आंशका पर मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम ने जांच की। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पटाखों में बारूद नहीं मिला है।
 

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Ghaziabad Loni Blast - फोटो : अमर उजाला
कोड से मालूम कर सकते हैं सिलिंडर सुरक्षित है या नहीं
अगर आप एलपीजी सिलिंडर इस्तेमाल करते हैं तो खुद भी जांच कर सकते हैं रसोई में लगा सिलिंडर सुरक्षा मानकों को पूरा कर रहा है या नहीं। सिलिंडर पर लिखे एक कोड से पता चल जाएगा कि उसकी मियाद पूरी हो चुकी है या अभी बाकी है। उसकी टेस्टिंग हो चुकी है या नहीं। गैस कंपनियों के स्टाफ की भूल की वजह से सुरक्षा की कसौटी पर न परखे गए सिलिंडर भी बाजार में आ जाते हैं और यह हादसे की वजह बन सकते हैं। बिना टेस्टिंग किए बाजार में आए सिलिंडर को पहचानकर आप उसे लेने से इनकार भी कर सकते हैं।

 

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मोटरसाइकिल निकालते लोग - फोटो : amar ujala
ऐसे कर सकते हैं जानकारी
प्रत्येक एलपीजी सिलिंडर को जब बाजार में पहली बार उतारा जाता है तो उसकी 10 साल की मियाद होती है। उसके ऊपरी हिस्से पर उस साल का एक कोड दर्ज कर दिया जाता है जिस साल में उसकी दोबारा जांच होनी है। मसलन सिलिंडर की जांच जनवरी से मार्च के बीच 2025 में होनी है तो उस पर ए-2025 कोड दर्ज किया जाएगा। अप्रैल से जून 2025 में जांच होनी तय होगी तो उस पर बी-2025 लिखा जाएगा। इसी तरह जुलाई से सितंबर के लिए सी-2025 और अक्तूबर से दिसंबर के लिए डी-2025 दर्ज होगा। भारत पेट्रोलियम गैस कंपनी के क्षेत्रीय मैनेजर सौम्य सोरेन का कहना है कि अगर सिलिंडर पर बीते हुए साल या महीनों की तारीख दर्ज हो तो इसका मतलब है कि उस सिलिंडर की जांच अभी लंबित है। ऐसे सिलिंडर को लेने से उपभोक्ता इनकार कर सकते हैं। वेंडर इसके बदले में उपभोक्ता को दूसरा सिलिंडर उपलब्ध कराएगा।
 
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जेसीबी से हटाया गया मलवा - फोटो : amar ujala
इन पांच बातों का रखें ध्यान
- गैस चूल्हे को सिलिंडर से कम से कम 6 से 8 इंच ऊपर रखें।
- चूल्हा हमेशा आईएसआई मार्क वाला और रेग्यूलेटर व पाइप गैस एजेंसी से लें।
- काम खत्म करने के बाद पहले रेग्यूलेटर बंद करें फिर चूल्हे की नोब बंद करें।
- प्रत्येक तीन साल बाद गैस पाइप बदल दें।
- गैस लीकेज हो तो इस्तेमाल बंद कर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1906 पर कॉल करें। टीम आपके घर पहुंचेगी।
 
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