बुलंदशहर के अपहृत दो चचेरे भाइयों भूपेंद्र और जगदीश की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने सिर तन से जुदा कर सिर को गंगा नदी और धड़ को संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया था। मुख्य आरोपी दिल्ली पुलिस का सिपाही तुषार है। उसने अपने भाई, मां और एक साथी के साथ वारदात को अंजाम दिया है। भाई, मां और साथी को गिरफ्तार कर लिया है। तुषार की तलाश की जा रही है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव कैलावन निवासी भूपेंद्र कुमार (21) और उसका चचेरा भाई जगदीश उर्फ भूरा (18) एक अक्तूबर से लापता थे। दोनों घर से काली की शोभायात्रा देखने गए थे, इसके बाद वापस नहीं आए। फिरौती का फोन आने के बाद पुलिस ने मामले में तत्परता दिखानी शुरू की। युवकों के लापता होने के करीब 24 घंटे बाद तक किसी को अंदेशा नहीं था कि उनके साथ ऐसी वारदात हो जाएगी।
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मृतक भूपेंद्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
भूपेंद्र के पिता नरेश रविवार सुबह सलेमपुर थाने पहुंचकर भूपेंद्र और जगदीश के गुमशुदा होने की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस को पहले लगा कि दोनों कहीं गए होंगे। कुछ देर बाद ही नरेश के मोबाइल फोन पर भूपेंद्र के नंबर से एक कॉल आ गई।
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मृतक जगदीश का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उस दौरान नरेश थाने में ही मौजूद थे। फोन करने वाले ने धमकी दी कि यदि दोनों बच्चों को जिंदा देखना चाहते हो तो पांच करोड़ रुपये का इंतजाम कर लो। इसके बाद फोन कट गया। इसकी जानकारी नरेश ने तत्काल पुलिस को दी। थाना पुलिस ने अफसरों को अवगत कराया और मामले की गहनता से जांच पड़ताल में जुट गई।
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Bulandshahr Double Murder
- फोटो : अमर उजाला
40 लोगों से पूछताछ के बाद खुला राज
थाना पुलिस और एसओजी ने भूपेंद्र की कॉल डिटेल खंगाली। इसके बाद करीब 40 लोगों से पूछताछ की। इनमें गांव के वह लोग भी शामिल थे, जिन्होंने भूपेंद्र और जगदीश को देखा था। इन्हीं लोगों से पुलिस को जानकारी मिली थी कि अंतिम बार दुर्गेश के साथ वे दोनों देखे गए थे।
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आरोपी दुर्गेश
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सोमवार देर रात लता शर्मा और मुकुल को गांव से गिरफ्तार कर लिया था। दुर्गेश को मंगलवार तड़के कैलावन के निकट जंगल से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि भूपेंद्र के लता से संबंध थे।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसी कारण उसके बेटे तुषार शर्मा और दुर्गेश ने वारदात की साजिश रची। काली शोभायात्रा के दौरान भूपेंद्र को अपने घर बुला लिया। साथ में उसका चचेरा भाई जगदीश भी पहुंच गया। आरोपियों ने पहले उन्हें शराब पिलाई, इसके बाद हत्या कर दी। इसके बाद सिर को धड़ से अलग कर दिया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी दुर्गेश ने बताया कि उसके पिता की करीब सात वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। वह दिल्ली पुलिस में तैनात थे। उनकी मौत के बाद बड़े भाई तुषार की उनकी जगह दिल्ली पुलिस में मृतक आश्रित में नौकरी लग गई। वर्तमान में वह दिल्ली मालवीय नगर थाने में तैनात था।
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विपाल करते परिजन
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छोटा भाई दुर्गेश बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है और गांव में ही अपनी मां लता के साथ रहता है। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन करीब ढाई माह पूर्व जुलाई माह में गांव निवासी भूपेंद्र कुमार उर्फ गोलू उसके घर आया था। उस दौरान घर पर उसकी मां मौजूद थी। कुछ देर बाद दुर्गेश जब घर पहुंचा तो उसने भूपेंद्र को मां के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था।
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Bulandshahr Double Murder
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि उसी समय दुर्गेश ने भूपेंद्र की जमकर पिटाई की और मां को भी खरी खोटी सुनाई थी। उस दिन के बाद से ही दुर्गेश ने भूपेंद्र की हत्या करने का मन बना लिया। कई बार उसने भूपेंद्र को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई, लेकिन हर बार वह चूक गया था।
दिल्ली पुलिस के सिपाही ने लिखी पूरी पटकथा
बताया गया कि पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए तुषार ने पटकथा तैयार की थी। तुषार दिल्ली पुलिस में तैनात है, इस कारण उसे पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी थी। उसने सोचा था कि यदि सिर अलग कर दिए जाएं तो मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकेगी। साथ ही शव गैर जनपद में ले जाकर फेंकने और फिरौती के लिए पांच करोड़ की योजना भी उसी ने बनाई थी। जिससे कि पुलिस का ध्यान भटकाया जा सके। आरोपी तुषार की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।