गाजियाबाद के मोदीनगर में राधा एंक्लेव में किराये पर रहने वाले पीएचडी के छात्र अंकित खोखर (35) की उसके मकान मालिक उमेश शर्मा ने एक करोड़ के लिए हत्या कर दी और आरी से शव के पांच टुकड़े कर अलग-अलग जगह फेंक दिए। जेल जाने से पहले उमेश ने पुलिस पूछताछ में अंकित की हत्या के लिए उसने चार अक्तूबर को मोदीनगर की गोविंदपुरी से एक दुकान से आरी, राजचौपला से टेप और पॉलिथीन खरीदी थी। उमेश का वजन काफी ज्यादा था, उसके लिए अकेले शव ठिकाने लगाना मुश्किल था। इसलिए, उसने शव के टुकड़े किए। पहले गर्दन काटी फिर दोनों हाथ अलग किए। इसके बाद धड़ के कुछ हिस्से सहित दोनों पैर काट दिए। इस तरह कुल पांच टुकड़े हुए। हाथ और पैर को एक जगह जबकि धड़ और सिर को अलग-अलग पैक किया।
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Ankit Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
सात अक्तूबर की सुबह दोस्त राहुल की कार से वह टुकड़ों को फेंककर आया। पहले खतौली गया। वहां गंगनगर में धड़ फेंका। 70 किमी. दूर मसूरी में हाथ-पैर गंगनहर में फेंके और सिर को एक्सप्रेसवे पर फेंका।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस गंगनहर और ईस्टर्न पेरिफेरेल एक्सप्रेसवे पर फेंके गए शव के टुकड़ों को नहीं ढूंढ पाई है। उमेश को रिमांड पर लेकर इन्हें बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में बताया कि उसने पहले से तय कर रखा था कि छह अक्तूबर को ही साजिश को अंजाम देगा। साजिश के तहत आरोपी उमेश सामान्य बातचीत के बाद बहाने से अंकित के पास गया था। वह उस समय कमरे में बैठा था। उससे पूछा कि तुमने अपनी शादी के बारे में क्या सोचा है, तुम कहो तो तुम्हारे लिए लड़की ढूंढें।
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मृतक अंकित खोखर का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसी बातचीत के दौरान वह उसके पीछे की तरफ गया और तेजी से गला दबा दिया। अंकित थोड़ी देर तड़पा और फिर उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद उमेश अपने घर में गया और आरी लेकर आया। आरी से ही शव के पांच टुकड़े किए।
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आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
उसने कहा कि उसने यू-ट्यूब पर एक फिल्म में देखा था कि अगर हत्या के बाद किसी का शव बरामद न हो तो पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकती है। पुलिस ने उमेश से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि वह चार अक्तूबर को ही बाजार से आरी समेत अन्य सामान खरीदकर लाया था।
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आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद सबसे पहले उसकी गर्दन काटकर अलग की। शरीर से पूरा खून निकल जाने के बाद चार और टुकड़े किए। इसके बाद सफेद पन्नी में टुकड़े पैक किए। फिर पूरा कमरा साफ किया। फिर अगली सुबह टुकड़े उसने कार में रख दिए। वह दोस्त से कार मांगकर लाया था।
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आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
दोस्त की कार से वह पहले खतौली पहुंचा। वहां गंगनहर में एक धड़ फेंक दिया। वहां से मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे से होता हुआ डासना के पास मसूरी पहुंचा। यहां हाथ और पैर गंगनहर में फेंके। सिर को उसने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर फेंका। इसके बाद वह मोदीनगर अपने घर चला गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव के टुकड़े बरामद करने की है।
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आरोपी उमेश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
जिसे जीजा कहता था, उसने ही ली जान
अंकित उमेश को जीजा कहता था। वह उसकी पत्नी को बहन मानता था। प्रदीप के साथ पहले भी घर आ चुका था। उसने पिछली रक्षाबंधन को उमेश की पत्नी से राखी भी बंधवाई थी। प्रदीप को वह भाई की तरह मानता था। उसे यह पता ही नहीं चला कि जिन लोगों पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रहा है, वे ही उसकी जान के दुश्मन बनेंगे। उमेश की पत्नी अंकित से कहती थी कि तुम मेरे बहुत ही प्यारे भाई हो। उसने कई बार अंकित को खाना बनाकर भी दिया।
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इसी मकान में किराये पर रहता था अंकित
- फोटो : अमर उजाला
शक होने पर दोस्त ने दर्ज कराई गुमशुदगी
हत्या के बाद उमेश अंकित का फोन इस्तेमाल कर रहा था। वह किसी की कॉल रिसीव नहीं करता था लेकिन व्हाट्सएप पर अंकित बनकर जवाब देता था। अंकित के दोस्त को इस पर शक हो गया। उसने सोचा कि जब वह व्हाट्सएप पर जवाब दे रहा है तो फोन क्यों नहीं उठा रहा। वह अंकित से मिलने आया।
मकान मालिक ने कहा कि उसे नहीं पता कि अंकित कहां है, इस पर उसे मकान मालिक पर शक हो गया और 12 दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस ने उमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुलासा हो गया।