जंतर मंतर पर आयोजित किसान महापंचायत
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संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) का दावा है कि जंतर मंतर पर उनके मोर्चे में शामिल करीब 75 किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व रहा। इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल सहित दूसरे प्रदेशों के किसान शामिल हुए। मोर्चा संयोजक एवं किसान नेता शिवकुमार शर्मा (कक्का जी) ने बताया कि कि एक साल से अधिक समय तक चले किसान आंदोलन में सरकार ने तीन कृषि कानून तो वापस ले लिए, लेकिन शेष मांगे नहीं लागू की जा सकीं। साथ ही आरोप लगाया कि करीब एक साल तक चला पिछला किसान आंदोलन कुछ नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा से पूरी तरह कामयाब नहीं हो सका। इसी वजह से आंदोलन को पिछले साल दिसंबर में स्थगित करना पड़ा था। उस वक्त अगर आंदोलन 10 दिन और जारी रहता तो किसानों को दोबारा दिल्ली लौटने की जरूरत नहीं पड़ती।