प्रतीकात्मक तस्वीर
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खुशनुमा माहौल बनाने और डांस करने के लिए भी गोली उपलब्ध
सेक्टर 11 निवासी डॉ. संजीव गोदारा कई सालों से नशे पर काम कर रहे हैं। उन्होने बताया अलग-अलग तरह का नशा शरीर पर अलग तरीका का प्रभाव डालता है। कई ड्रग ऐसे हैं जिनका इस्तेमाल इलाज के लिए करने के बजाय लोग नशा करने के लिए कर रहे हैं। इन दिनों एक गोली काफी चलन में है। इसे डिप्रेशन के रोगियों के इलाज के लिए बनाया गया था। इसके सेवन से रोगी खुशनुमा माहोल का अनुभव करता है। इसकी एक चौथाई से भी कम मात्रा रोगी को दी जाती है।
आजकल इसका इस्तेमाल लोग नशा करने में कर रहे हैं। इसकी ज्यादा मात्रा लेकर लोग डांस करते हैं। इससे थकान नहीं होती, सेवन करने वाला खुश दिखाई देता है। जरा से म्यूजिक पर भी थिरकने के मन करता है। जैसे ही दवा का असर कम होता है थकान महसूस होती है और लोग इसकी मांग दोबारा से करते हैं। फिर इसकी आदत लग जाती है। एक गोली दो से ढाई हजार में बिकती है। कुछ इंजेक्शन ऐसे हैं जिन्हे मनोरोगियों के इलाज के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल लोग नशे के लिए कर रहें हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन खतरनाक है।