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Delhi Air Quality: दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा में नहीं हो रहा सुधार, कई इलाकों में एक्यूआई 500 पहुंचा

Mon, 09 Nov 2020 01:41 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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pollution in delhi - फोटो : अमर उजाला
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Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में तमाम उपायों के बावजूद हवा की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को भी दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा आदि क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के ऊपर बना हुआ है।

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कई जगह तो हाल ऐसा रहा कि सुबह 9 बजे भी दृश्यता काफी खराब रही। अक्षरधाम मंदिर, इंडिया गेट जैसी इमारतें लोगों को कुछ दूर से नहीं दिखाई दे रही थीं। हवा का गंभीर श्रेणी में बने रहना कोरोना के लिहाज से भी बेहद घातक है।
 

सर्दियां आते ही हवा हो जाती है जहरीली
हर साल सर्दी का मौसम शुरू होते ही दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा को जहरीला होने से रोकने के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) का ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जाता है। इस बार भी 15 अक्तूबर से ग्रैप लागू किया गया था, लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी के चलते बेअसर साबित हो रहा है।
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इसी के चलते रविवार को भी हालात बदतर रहे। घने प्रदूषण की वजह से दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में दिन भर घर से बाहर निकले लोगों की आंख में जलन के साथ सांस लेने में परेशानी की समस्या दिखाई दी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 426 रहा, जो गंभीर श्रेणी में आता है। 

दिल्ली के 35 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 31 में हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानी सिस्टम ‘सफर’ का आकलन है कि सतह पर चलने वाली हवाएं तकरीबन शांत पड़ी हैं। इससे पराली के धुएं का हिस्सा कम होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता पर खास सुधार नहीं दिखा।

हवाओं के शांत पड़ने से प्रदूषक तत्व और पीएम10 व पीएम 2.5 जैसे महीन धूल कण दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। नतीजतन हवा गंभीर स्तर तक प्रदूषित बनी हुई है। वहीं, अगले दो दिन तक मौसम में खास बदलाव न होने से हवा की गुणवत्ता में सुधार की कोई उम्मीद भी नहीं है।

ये हैं प्रदूषण के प्रमुख कारण
  • पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही फसलों की पराली
  • महंगी डीजल गाड़ियों से निकलने वाला काला धुआं
  • निर्माण गतिविधियों के कारण उड़ने वाले पीएम कण
  • सड़कों पर फैली धूल के उड़ने से बढ़ने वाले पीएम कण
  • उद्योगों से निकलने वाला उत्सर्जन 

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