जिला कारागार में विचाराधीन बंदी रवि की मौत 4 अक्टूबर को हुई लेकिन इकलाख के हत्यारोपियों को जेल में मरवाने की धमकी पहले ही मिल चुकी थी। 29 अगस्त को बिसाहड़ा गांव में उस स्थान के करीब एक धमकी भरा पत्र चिपका मिला था, जहां इकलाख का शव पड़ा मिला था।
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बिसाहड़ा कांड
- फोटो : अमर उजाला
इसमें साफ-साफ इकलाख के हत्यारोपियों को जेल में मरवाने की धमकी लिखी हुई थी। मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया था लेकिन आरोपी तक नहीं पहुंच पाई थी।
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बिसाहड़ा कांड
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29 अगस्त को जब गांव में धमकी भरा पत्र चिपका मिला तो गांव में अफरा-तफरी मच गई थी लोग चर्र्चाएं करने लगे थे। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने पत्र को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ केस भी दर्ज किया लेकिन पत्र चिपकाने वाले का आज तक पता नहीं लगा पाई।
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बिसाहड़ा कांड
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गांव के लोग भी बाद में इस मामले को हलके में लेने लगे और इसे किसी असमाजिक तत्व की करतूत या मजाक समझकर भूल गए लेकिन अब रवि की मौत के बाद लोगों में इस पत्र की यादें एक बार फिर ताजा हो गई है।
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बिसाहड़ा
- फोटो : अमर उजाला
संजय राणा ने बताया कि चिठ्ठी में मेरा नाम लिखा था, पहले भी मुझे धमकी मिली है लेकिन केस दर्ज नहीं कराया था। इस मामले में मैंने पुलिस के कहने पर केस दर्ज कराया था।
पत्र के अंश- बिसाहड़ा चेतावनी :
मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं। बिसाहड़ा में जितने मुस्लमान के घर हैं। अगर उनको छेड़ा जाएगा तो अच्छा नहीं होगा। मैं ये पैगाम देता हूं, अगर उन लोगों को कुछ भी हुआ तो तबाही की ओर बढ़ जाएगा। संजय राणा से फिर कहता हूं, भूल जाए अपने बेटों को नहीं तो मैं उन्हें जेल में भी मरवाकर भेज दूंगा।