सेक्टर 122 में प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर ने शनिवार की रात एक जिम ट्रेनर को उसी की कार में गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत गंभीर है। परिजनों ने उस वक्त वहां मौजूद चार पुलिसकर्मियों पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया।
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fake encounter in noida
- फोटो : राजन राय
वहीं, एसएसपी गौतमबुद्ध नगर लव कुमार ने प्राथमिक जांच के आधार पर फर्जी मुठभेड़ से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव के परिजनों ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ थाना फेज तीन में लूट व हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई है।
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पुलिस ने आरोपी दरोगा विजय दर्शन को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बाकी तीनों पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 25 वर्षीय जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव पर्थला गांव में रहता है और वहीं जिम चलाता है। शनिवार को वह चाचा कृपाल यादव के साथ उनकी बेटी मोना का लगन लेकर गाजियाबाद गया था।
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इनके साथ कार में जितेंद्र के बड़े भाई धर्मेंद्र, दोस्त गौतम सरदार, सुनील, तरुण व हरे राम भी मौजूद थे। धर्मेंद्र का आरोप है कि वे लोग रात करीब सवा दस बजे सेक्टर-122 पहुंचे।
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उनके पहुंचने के कुछ देर बाद वहां ब्रेजा गाड़ी में सवार प्रशिक्षु दरोगा विजय दर्शन व पंकज सिंह और सिपाही संजय व नरेंद्र आ गए। विजय ने सभी को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी ले जाने की बात कही। इतने में किसी बात पर विवाद हो गया और दरोगा विजय ने पिस्तौल से जितेंद्र की गर्दन पर गोली मार दी।
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परिजनों का आरोप
सब इंस्पेक्टर ने कहा, जंगल में ले जाकर फर्जी एनकाउंटर कर देते हैं
कार में मौजूद परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद घिरी पुलिस सबूत छिपाने के लिए उनका फर्जी एनकाउंटर करना चाहती थी। जितेंद्र को गोली मारने के बाद आरोपी दरोगा दूसरी कार में मौजूद साथियों से फोन पर कहा कि एक को गोली लग गई है। बाकी का भी जंगल में ले जाकर एनकाउंटर कर देते हैं।
एसएसपी बोले, सब इंस्पेक्टर की जितेंद्र से जान पहचान थी
एसएसपी ने बताया कि जितेंद्र के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। आरोपी दरोगा की जितेंद्र और उसके परिवार वालों से जान-पहचान थी। फर्जी एनकाउंटर का आरोप गलत है। इसके पीछे कुछ और वजह है, उसका पता लगाया जा रहा है।