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ऐसे पकड़ा गया आरोपी
छानबीन के लिए द्वारका जिले की एएटीएस को जिम्मा दिया गया। इंस्पेक्टर राजकुमार, एएसआई मनोज कुमार व सिपाही अर्जुन सिंह की टीम ने बिजय की तलाश के लिए उसके पूर्व सहयोगी, बैंक अकाउंट, लोन अकाउंट, ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी व अन्य जगहों से पड़ताल की। बाद पुलिस को विशाखापटनम में बिजय के एक दोस्त देवाशीष का पता चला। पुलिस गत एक जनवरी को वहां पहुंची। देवाशीष ने बताया कि वह भी बिजय के संपर्क में नही है। कुछ दिनों पूर्व उसे हैदराबाद में देखा गया था। पुलिस ने छानबीन की तो हैदराबाद में बिजय की गर्लफ्रेंड का पता चला। उसकी कॉल डिटेल के आधार पर बिजय को हैदराबाद से दबोच लिया गया। आरोपी एक कंपनी में एचआर मैनेजर की नौकरी कर रहा था। पूछताछ के दौरान बिजय ने बताया कि दिल्ली में वह और उसका भांजा एक ही फ्लैट में रहते थे। मेरी गर्लफ्रेंड मुझसे मिलने फ्लैट में आती थी। इस बीच उसकी नजदीकियां जय प्रकाश से बढ़ गई। यह मुझे नागवार गुजरा और जयप्रकाश की हत्या की साजिश रची। 6 फरवरी 2016 की रात को उसने जयप्रकाश की हत्या कर शव फ्लैट की बालकनी में दफना दिया।