बसपा के दो कद्दावर नेताओं हीरालाल कश्यप और नरेंद्र कश्यप के बीच राजनीतिक संबंधों को पारिवारिक रिश्तों में तब्दील करने में सांसद नरेंद्र कश्यप की पत्नी देवेंद्री की अहम भूमिका रही थी। एक ही झलक में अपने बेटे सागर के लिए उन्होंने हिमांशी को पसंद कर लिया था, मगर शादी के बाद पता नहीं क्या हुआ कि सास-बहू के बीच अनबन रहने लगी।
विज्ञापन
2 of 16
नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
सूत्रों की मानें तो दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। इसकी जानकारी हिमांशी के परिवार को लग चुकी थी। अब पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है। नौकरों के बाद अब पुलिस की टीम दोनों परिवार के लोगों से पूछताछ करेगी।
विज्ञापन
3 of 16
हिमांशी की हत्या में नरेंद्र शर्मा गिरफ्तार
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
सन 2013 में आंवला (बरेली) लोकसभा सीट से हीरालाल कश्यप को प्रत्याशी बनाया गया था। इसी दौरान नरेंद्र कश्यप परिवार के साथ वहां पर गए थे। वहां कार्यक्रम की समाप्ति के बाद हिमांशी नरेंद्र कश्यप की कार के पास आकर खड़ी हो गईं थीं।
4 of 16
नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
हीरालाल की इस खूबसूरत बेटी को एक झलक देखते ही देवेंद्री ने पुत्रवधू बनाने का निर्णय ले लिया। वहां से लौटकर देवेंद्री ने सांसद पति से बेटे की शादी की बात चलाई। यह भी बताया कि सागर की शादी के लिए उन्हें हीरालाल कश्यप की बेटी पसंद है।
इसके बाद नरेंद्र कश्यप ने हीरालाल कश्यप को फोन कर कहा था कि ‘दावत की तैयारी कर लो, तुम्हारी बेटी हिमांशी से मैं अपने बेटे सागर की शादी करूंगा।’इसके बाद दोनों परिवार के बीच राजनीतिक रिश्ते पारिवारिक रिश्तों में बदल गए और 27 नवंबर 2013 को सागर और हिमांशी की शादी हो गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में पता चला है कि शादी के बाद हिमांशी देवेंद्री की नापसंद बन गईं थीं।
दोनो के बीच छोटी छोटी बातों पर झगडे़ होने लगे थे। उधर, हिमांशी के परिजनों ने भी इसकी पुष्टि की है। सीओ द्वितीय मनीष मिश्रा का कहना है कि दोनों परिवार के लोगों से पूछताछ की जाएगी। झगडे़ की वजह सिर्फ दहेज था, या कुछ और इसकी भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
7 of 16
नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी हिरासत में
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
हिमांशी का पोस्टमार्टम बुधवार आधी रात के बाद करीब पौने तीन बजे तीन डॉक्टरों के पैनल ने शुरू किया। साढे़ तीन बजे तक चले इस पोस्टमार्टम की विडियोग्राफी भी कराई गई।
सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि हिमांशी की मौत नजदीक से चली रिवाल्वर की गोली से हुई है। सिर में दाहिनी ओर 1.1 सेंटीमीटर का घाव है। उसके पास ब्लैकनिंग और टयूटनिंग मिली है।
9 of 16
सागर कश्यप
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
हिमांशी की दायीं आंख के पास भी ब्लैकनिंग के निशान मिले हैं। मौत की वजह गनशॉट है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि गोली हिमांशी ने खुद चलाई है या उसे मारी गई है। हिमांशी के सिर में लगी गोली उनके सिर में ही फंस गई थी, जिसे पोस्टमार्टम के दौरान निकाला गया।
10 of 16
सागर कश्यप
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
इस गोली को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। उधर, बृहस्पतिवार को भी पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज नहीं खंगाल सकी है। पुलिस ने हिमांशी के कमरे की भी तलाशी ली है, लेकिन पुलिस को अहम क्लू हाथ नहीं लगे हैं।
11 of 16
बसपा सांसद की बहू हिमांशी की हत्या
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
हिमांशी ने घटना से पहले पति सागर कश्यप से 10 बजकर 53 मिनट पर फोन पर बात की थी। कॉल रिकॉर्ड के दौरान पुलिस को यह जानकारी मिली है। सागर का दावा है कि कॉल पर हिमांशी ने उसे ‘आई लव यू’ बोला था।
12 of 16
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सागर ने पूछताछ के दौरान बताया कि हिमांशी ने जिस ढंग से उससे फोन पर बात की थी, वह अंदाज कुछ अलग सा था, लेकिन वह इसे समझ नहीं पाया।
13 of 16
सागर ने हिमांशी की मौत को सुसाइड बताया और दावा किया कि इसकी सूचना उसे पिता के गनर के जरिए 12 बजकर 6 मिनट पर मिली थी। उधर, पुलिस का मानना है कि उस आखिरी कॉल के बारे में सागर ने शायद सबकुछ नहीं बताया है।
14 of 16
सांसद नरेंद्र कश्यप और उनकी पत्नी देवेंद्री को सुबह करीब साढे़ 12 बजे यशोदा अस्पताल से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए औद्योगिक क्षेत्र चौकी ले जाया गया। चौकी में नरेंद्र कश्यप और देवेंद्री ने खाना खाया और पुलिस के सवालों के जवाब दिए।
15 of 16
सांसद ने दहेज संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह तो खुद दहेज विरोधी रहे हैं। 10 जून 1987 को उन्होंने बिना दहेज के अपनी शादी की थी। उस वक्त दहेज निषेध अधिनियम का उल्लेख वेडिंग कार्ड पर भी किया था। इससे प्रभावित होकर तत्कालीन डीएम ने उन्हें बधाई दी थी।
नरेंद्र कश्यप ने दावा किया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती (बहनजी) से उनकी बृहस्पतिवार को कई बार बातचीत हुई है। उन्होंने निष्पक्ष रूप से जांच कराने का आश्वासन दिया है। यह भी कहा है कि संकट के इस दौर में पार्टी और वह उनके साथ हैं। इस मामले में हरसंभव मदद करेंगी।