12 हजार रुपये के इनामी बदमाश जोगिंदर उर्फ जोगा को (41) मंगलवार दोपहर पुलिस ने सिग्मा-2 गोलचक्कर के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जोगा को पीठ पर गोली लगी है। उसे ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जोगी का साथी मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ से पहले दोनों बड़ी घटना की फिराक में काले रंग की बाइक पर घूम रहे थे। जोगिंदर पर दिल्ली, हरियाणा, यूपी के गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर में हत्या, लूट, फिरौती, रंगदारी, डकैती के 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।
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joga gang encounter
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ग्रामीण सुनीति ने बताया कि कासना कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार को सूचना मिली कि दो बदमाश काले रंग की बाइक पर कोतवाली क्षेत्र में घूम रहे हैं। कंट्रोल रूम पर चेकिंग के आदेश पर कासना कोतवाली टीम, ग्रेटर नोएडा कोतवाल, सूरजपुर कोतवाली पुलिस समेत अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। चारों ओर से घेराबंदी के बाद सिग्मा-2 के पास बदमाशों से पुलिस टीम की मुठभेड़ हुई तो बदमाशों ने गोली चला दी।
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जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश की पीठ पर रगड़ खाते हुए गोली निकल गई। उसे नोएडा के सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह खतरे से बाहर है। इसकी पहचान जोगिंदर उर्फ जोगा पुत्र अजब सिंह निवासी सुल्तानपुरी, दिल्ली के रूप में हुई। आईजी ने जोगा पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। जोगा का साथी बाइक से लेकर फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।
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डेयरी संचालक के घर डाली थी डकैती
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-37 में एक माह पूर्व अमूल डेयरी के संचालक जितेंद्र के घर पड़ी डकैती में मुख्य अभियुक्त जोगिंदर था। डकैती में छह लाख रुपये और अन्य सामान लूटा गया था। इसके बाद से ही उस पर इनाम घोषित किया गया था।
दिल्ली में चार हत्याओं का आरोप
जोगिंदर पर दिल्ली में ही चार हत्याओं के मुकदमे दर्ज हैं। उसे एक मामले में वह तिहाड़ जेल भी जा चुका है।
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ग्रेटर नोएडा सिग्मा-2 में ग्रेटर नोएडा के कासना कोतवाली पुलिस से मुठभेड़ में पकड़ा गया आरोपी जोगिंदर उर्फ जोगा कई वर्षों से अपराध की दुनिया में संलिप्त रहा है। दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी जोगा खुद का ‘जोगा गैंग’ चलाता है। ज्वैलरी की दुकानों में जोगा ने बड़ी सेंधमारी की घटनाओं को अंजाम दिया था। शरीर से मजबूत जोगा सेंधमारी में निकली तिजोरी अकेले ही अपने कंधे पर उठाकर ले जाता था।
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20 वर्षों से अपराध की दुनिया में संलिप्त जोगा इससे पहले वर्ष 2010 में दिल्ली के सुभाष पार्क एक्सटेंशन, शाहदरा में पकड़ा गया था। वर्ष 1997 में सुल्तानपुरी में एक डॉक्टर पर जानलेवा हमले के प्रयास में पहली बार उसे पकड़ा गया था। इस मामले में उसे चार महीने की जेल भी हुई थी। वह विशेषकर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जोगा गैंग के साथ वारदात कर चुका है। वह विशेषकर ज्वैलरी के शोरूम में सेंधमारी, लूट, डकैती की घटनाओं में शामिल रहा था। कासना पुलिस ने बताया कि उनके हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। अब पुलिस उसके ठीक होने का इंतजार कर रही है, ताकि जेल जाने के बाद उसे रिमांड पर लेकर उससे यहां की गई अन्य वारदात का खुलासा कर सके।
महंगी गाड़ियों में नहीं जाता था जोगा
जोगा के साथी महंगी गाड़ियों में चलते थे, लेकिन गिरोह चलाने के बावजूद वह बाइक पर ही चलता था। इसके अलावा वह कभी हेलमेट उतारकर नहीं चलता था, ताकि उसकी पहचान न हो सके।