सोमवार की भोर में करीब 4 से 5 बजे के बीच दादरी में बदमाशों पर दबिश डालते हुए दरोगा अख्तर खान की मौत हो गई थी जिसमें कोतवाली प्रभारी होम सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया है।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि जिस वक्त घटना हुई उस वक्त अख्तर खान के साथ मौजूद अन्य पुलिस वाले मौके से भाग गए थे और पास में ही कोतवाली होने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे दरोगा को बचाया नहीं जा सका।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
यही वजह है कि कोतवाली प्रभारी होम सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया। बता दें कि ग्रेटर नोएडा पुलिस ने हत्या के एक आरोपी औरंगजेब को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
आईजी सुजीत पांडे के अनुसार बदमाश औरंगजेब को गोली भी लगी है। वहीं अन्य दो आरोपी जावेद और फुरकान फरार हैं।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने फरार जावेद और फुरकान पर 50 हजार का इनाम घोषित किया है। बता दें कि जावेद पर पहले से ही 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने शहीद अख्तर खान के परिवार को 20 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि उन्हें पुलिस लाइन में सलामी भी दी गई है।
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अख्तर अली शहीद
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दादरी में सोमवार सुबह 4 बजे दादरी की दबिश पर निकले दरोगा अख्तर अली जब मोहल्ला नई आबादी पहुंचे तो उनकी मुठभेड़ बदमाशों के साथ हो गई। जानकारी के अनुसार अख्तर अली वहां सीढ़ी लगाकर आरोपी के घर में घुसे थे और गोलियां चली तो अन्य पुलिसवाले भाग गए।
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जहां हुई अख्तर अली की बदमाशों से मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि अख्तर अली के साथ अन्य 12 पुलिसवालों की टीम थी जो मौके से फरार हो गई जिसके कारण ही अख्तर अली को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी बीच दरोगा अख्तर अली बदमाशों से घिर गए।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
जिस बदमाश ने दरोगा को गोली मारी उसका नाम जाविद पुत्र वारशी है। वह नई आबादी का ही रहने वाला है। जानकारी के अनुसार दरोगा का शव कुछ घंटों बाद निकाला गया जब अन्य पुलिस वाले मौके पर पहुंचे।
शहीद दरोगा अख्तर अली, वर्ष 1998 बैच में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे, दादरी कोतवाली में 11 जून 2014 को दरोगा बनकर आये थे। अब उनके परिवार वालों की मांग है कि अपराधियों को पकड़ा जाए नहीं तो वो दरोगा का शव नहीं लेकर जाएंगे। बता दें कि इस समय दरोगा का शव दादरी के ही एक सामुदायिक घर में रखा है।