एक घूसकांड, सीबीआई की जांच और पूरा परिवार खत्म...। बंसल की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने योगेश, नेहा और इनकी मां सत्यबाला से पूरी रात पूछताछ की थी। इसके अलावा तलाशी के दौरान अधिकारियों ने घर का सारा सामान भी फैला दिया था।
विज्ञापन
2 of 6
18 जुलाई को पूरी रात हुई पूछताछ के दबाव को नेहा और सत्यबाला झेल नहीं पाई और उन्होंने 19 जुलाई को फांसी लगा ली। बीके बंसल के पड़ोसियों का कहना था कि सीबीआई की जांच का तरीका सही नहीं है। अगर घर के एक सदस्य ने गलती की भी थी तो उसकी सजा पूरे परिवार को मिली।
विज्ञापन
3 of 6
यही वजह है कि सीबीआई की जांच के दबाव को योगेश और बीके बंसल भी नहीं झेल पाए और उन्होंने फांसी लगा ली। नीलकंठ सोसायटी के गार्ड राम भास्कर ने बताया कि बीके बंसल व उनका पूरा का पूरा परिवार बहुत दरिया दिल था। हालांकि वह सोसायटी के लोगों से कम ही मिलते थे, लेकिन अपनी नौकरानियों व गार्ड्स के लिए बहुत अच्छे थे।
4 of 6
पूर्व डीजी व बेटे ने की सुसाइड
- फोटो : अमर उजाला
परिवार दिल खोलकर दान देता था। गरीबों की मदद भी करता था। बंसल की दोनों नौकरानियां आरती व रचना के अलावा सभी गार्ड्स उनके सीबीआई के केस को खत्म होने की दुआएं कर रहे थे।
विज्ञापन
5 of 6
पहले मां-बेटी ने दी थी जान
- फोटो : अमर उजाला
इधर, बंसल की फ्लोर पर ही रहने वाली महिला ने आरोप लगाया कि अगर परिवार के एक सदस्य ने गलती की है तो उसकी सजा पूरी फैमिली को क्यों मिले। बीके बंसल के परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। सीबीआई की जांच पर पड़ोसियों ने सवाल खड़े किए हैं।
कब क्या हुआ:
16 जुलाई 2016: सीबीआई ने बीके बंसल व उनके एक सहयोगी को एक होटल में नौ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
19 जुलाई 2016: सीबीआई की जांच से आहत होकर बीके बंसल की पत्नी सत्यबाला व उनकी बेटी नेहा ने फांसी लगाकर दी जान
20 जुलाई 2016: कोर्ट ने बीके बंसल को अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक क्रियाओं के लिए दो दिन की अंतरिम जमानत दी।
30 अगस्त 2016: कोर्ट ने सुनवाई के बाद बीके बंसल को सीबीआई की शर्तों पर जमानत दे दी।
26 सितंबर 2016: सीबीआई ने बीके बंसल व उनके बेटे को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया था।
27 सितंबर 2016: तड़के बीके बंसल व उनके बेटे अपने-अपने कमरों में फंदे से लटके मिले।