नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर मंगलवार को जेट एयरवेज की एक एयर होस्टेस को 480,200 डॉलर्स के साथ रंगे हाथ पकड़ी गई। यह एयर होस्टेस हवाला के जरिए 20 करोड़ हॉन्गकॉन्ग पहुंचा चुकी है।
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- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले भी यह एयर होस्टेस नौ बार अमेरिकी डॉलर्स के पैकेट हॉन्गकॉन्ग पहुंचा चुकी थी लेकिन, इस बार कामयाब नहीं हो पाई और पकड़ी गई। पुछताछ के दौरान जो हकीकत
सामने आई उससे एक एयर होस्टेस के स्मगलर बनने की कहानी का चौंका देने वाला मामला सामने आया।
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Devanshi Kulshrestha
- फोटो : अमर उजाला
एयर होस्टेस के स्मगलर बनने की कहानी अगस्त 2017 में शुरु होती है जब अमित मल्होत्रा जेट एयरवेज की फ्लाइट में हॉन्गकॉन्ग से दिल्ली आ रहा था और देवांशी कुलश्रेष्ठ इसी
फ्लाइट में एयर होस्टेस थी।
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अमित मल्होत्रा देवांशी की सेवा और व्यवहार से काफी प्रभावित हो गया। जब देवांशी बे एरिया में आराम कर रही थी तब मल्होत्रा उसके पास आया और उसकी तारीफ करते हुए उसका
शुक्रिया अदा किया। इस तरह दोनों में बातचीत शुरु हो गई। मल्होत्रा के व्यवहार से देवांशी भी खुश थी और दोनों के बीच फोन नंबरों का आदान-प्रदान भी हो गया।
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कुछ दिनों बाद मल्होत्रा ने देवांशी को मिलने के लिए बुलाया और अपने एक सीक्रे प्लान के बारे में बताया। अधिकारियों का कहना है कि देवांशी जल्द से जल्द पैसे कमाना चाहती थी इस
वजह से उसने मल्होत्रा के प्लान में शामिल होने के लिए सहमति दे दी।
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जब मल्होत्रा ने डॉलर्स को स्मगल करने की बात देवांशी को बताई तो वह बहुत डर गई। हालांकि बाद में मल्होत्रा ने उसे डॉलर्स स्मगल करने के लिए तैयार कर लिया। मल्होत्रा ने देवांशी
को कई डेमो दिए और यह समझाया कि डॉलर्स को फॉइल में अच्छे तरह से लपेट कर रखेगी तो एक्सरे मशीन भी उनको पकड़ नहीं पाएंगे। शुरूआत में मल्होत्रा ने छोटी पैकेट्स को स्मगल
कराना शुरु कराया।
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देवांशी अपने पहले पैकेट को स्मगल कराने में सफल रही क्योंकि उसने डॉलर्स को फॉइल में लपेट कर रखा था इस वजह से पैकेट मशीन से पास हो गया। जब वह हॉन्गकॉन्ग के अपने
होटल के कमरे में थी तब वहां मल्होत्रा का आदमी आया और उससे पैकेट ले गया। यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा।
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पुलिस का कहना है कि देवांशी हर महीने कम से कम दो पैकेट स्मगल करती थी और इसके बदले वह एक डॉलर पर एक रूपया चार्ज करती थी। डीआरआई ने जिस ट्रांजैक्शन के लिए
उसे अरेस्ट किया, उसके लिए उसे 4.8 लाख रुपये मिलने वाले थे।
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आपको बता दे कि देवांशी देरादून की रहने वाली है। 2017 की शुरूआत में देवांशी की शादी हो गई थी वह अपने पति के साथ मयूर विहार में रहती थी। देवांशी के पति ने कहा कि उसे इस
बारे में कुछ नहीं पता। जबकि डीआरआई का कहना है कि घर में इतना पैसा आना और पति को इसकी खबर न होने पर यकीन नहीं होता।
मल्होत्रा झिलमिल कॉलोनी का रहने वाला है और उसकी पत्नी का कहना है कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता और वह बस इतना जानती है कि उनका पति एक ट्रैवल एजेंसी चलाता है।