29 फरवरी को नोएडा से लापता हुई फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक को शुक्रवार को दिल्ली से सटे गुड़गांव से बरामद कर लिया। बता दें कि इस केस में गुड़गांव लिंक की बात सबसे पहले अमर उजाला अखबार ने ही प्रकाशित की थी। फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक अपहरण मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने शिप्रा के भाई शिवांग को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उसका मोबाइल पुलिस ने गुड़गांव से बरामद कर लिया। मोबाइल के व्हाट्सएप मैसेज और अन्य डाटा डिलीट कर दिए गए। पुलिस शिवांग के मोबाइल डाटा और व्हाट्सएप मैसेज रिकवर करने के प्रयास में जुटी है। (रिपोर्ट: सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा)(सभी फोटो: पप्पू नेहरा/अमर उजाला, नोएडा
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पुलिस ने लगाई सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स की टीम
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फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक
- फोटो : Bhavya Naresh
इस काम के लिए डीआईजी मेरठ रेंज लक्ष्मी सिंह ने सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट्स की टीम लगाई है। डीआईजी ने बताया कि शिप्रा का अपहरण फिरौती के लिए नहीं किया गया। अपहरण में किसी करीबी का हाथ है। यह करीबी परिवार का सदस्य भी हो सकता है। पुलिस के अनुसार, तफ्तीश में शिवांग ने कई विरोधाभास बयान दिए। इससे वह शक के संदेह में है।डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने मोर्चा संभाल लिया है।
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लावारिस मिली शिप्रा की स्विफ्ट कार
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केस की तफ्तीश उन्हीं के निर्देशन में होगी। बृहस्पतिवार को डीआईजी सेक्टर-29 स्थित विजया एंक्लेव पहुंचीं, जहां शिप्रा की स्विफ्ट कार लावारिस मिली। उन्होंने सेक्टर-20 थाने का दौरा भी किया। थाने में उन्होंने फैशन डिजाइनर के परिजनों से मुलाकात की। केस से जुड़े सभी बारीकियों को समझ कर एसएसपी किरण एस को निर्देश दिया। डीआईजी ने बताया कि नोएडा पुलिस ने घोर लापरवाही बरती है।
अपहरण का मामला तत्काल दर्ज नहीं किया गया
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अपहरण का मामला तत्काल दर्ज नहीं किया गया। यह पुलिस की चूक है। बताया कि शिप्रा से जुडे़ लोगों की कॉल डिटेल, सीसीटीवी कैमरों, परिवार के सदस्य और उसके भाई शिवांग से उस समय पूछताछ नहीं की गई थी। डीआईजी ने बताया कि आगे की जांच एसपी क्राइम गाजियाबाद श्रवण कुमार सिंह को सौंपी है। वह विभागीय जांच भी करेंगे। जांच रिपोर्ट डीजीपी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
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मोबाइल पर व्हाट्स एप और इंटरनेट भी यूज किया
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पुलिस के अनुसार, शिप्रा 29 फरवरी की दोपहर 1:10 बजे सेक्टर-37 स्थित घर से कार से निकली। 1:10 से 2:56 मिनट तक शिप्रा ने कई कॉल की। उसने मोबाइल पर व्हाट्स एप और इंटरनेट भी यूज किया। कार की आखिरी फुटेज अट्टा मार्केट के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई।
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सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए पुलिस को निर्देश दिया
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शिप्रा के मोबाइल की लोकेशन सेक्टर-18 मार्केट और बॉटेनिकल गार्डन में भी मिली है। डीआईजी ने इन दोनों इलाकों की भी सीसीटीवी फुटेज देखने के लिए पुलिस को निर्देश दिया। पता चला है कि मोबाइल से लगातार व्हाट्स एप यूज किया जा रहा था। शिप्रा के घर से निकलने और चांदनी चौक जाने की बात उसके भाई शिवांग को ही पता थी। फोन पर शिवांग से शिप्रा की बातचीत हुई है।
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शिवांग सट्टा खेलता था
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पुलिस सूत्रों के अनुसार शिप्रा केस से सट्टा, उसके पिता की मर्सिडीज और भाई शिवांग जुड़े हैं। शिवांग सट्टा खेलता था। वह सट्टे में काफी रकम हार चुका। उसके पिता की मर्सिडीज कार है जिसे वह अपने दोस्त सन्नी के पास गिरवी रख चुका है, लेकिन कार के असली कागजात के बारे में शिवांग को नहीं बल्कि शिप्रा को पता है। शिवांग ने उसी दौरान दो बार शिप्रा को फोन कर कागजात के बारे में भी पूछा था।
बैंक में सीसीटीवी फुटेज में उसकी तस्वीरें हैं
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29 फरवरी दोपहर 1:25 बजे शिप्रा सेक्टर-18 स्थित आईएनजी वैश्य बैंक गई थी। पुलिस जांच पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि शिप्रा वहां लॉकर ऑपरेट करने गई थी। बैंक में सीसीटीवी फुटेज में उसकी तस्वीरें हैं। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे वह बैंक से बाहर निकली, जिस समय उसके अपहरण की बात बताई जा रही है उससे पूर्व बैंक में लॉकर ऑपरेट किए जाने की बात केस को एक नया मोड़ दे रही है।
शिप्रा के पति चेतन मलिक ने बताया कि आभूषण वह उसी लॉकर में रखती थी। करीब 20 लाख रुपये के आभूषण लॉकर में हैं। लॉकर खुलवाने के लिए बैंक में प्रार्थना पत्र लगाया है। शुक्रवार सुबह लॉकर खोला जाएगा जिससे पता चलेगा कि लॉकर में आभूषण हैं या नहीं। यह लॉकर शिप्रा और उसकी सास हर्ष मलिक के नाम से ज्वाइंट है।