गौरतलब है कि ये सारी बातें गिरफ्तार नाबालिग शार्प शूटर ने खुद पुलिस को बताई हैं। दरअसल व्यापारी अमित कोचर की हत्या के दो दिन बाद ही नाबालिग पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने बताया कि वह लम्बे समय से यूट्यूब पर कई बड़े डॉन के वीडियो देख रहा था।
गैंगस्टर का जीवन कैसा होता है, उनका पहनावा, लग्जरी लाइफ और खतरा, ये सब उसने बहुत गहराई से देखा। गैंगस्टर कैसी गाड़ियों में चलते हैं, उनके पास कैसे हथियार होते हैं, हत्या, फिरौती या लूटपाट की वारदात को कैसे अंजाम देते हैं, इस तरह के उसने कई वीडियो देखे।
बस, यहीं से उसने तय कर लिया कि वह अपराध की दुनिया में अपने नाम का डंका बजवाएगा। फेसबुक पर नाबालिग की खोज तेज होती चली गई। कुछ ही दिन में उसे एक दोस्त मिला। उसने बताया कि उसका भाई लोकेश (सूर्या) एक बड़ा डॉन है। नाबालिग बोला, सूर्या से मेरी मुलाकात करा दे।
दोनों की मुलाकात भी हो गई। नाबालिग में कितना दम है, इसका टेस्ट लिया गया। उसे हत्या एवं लूटपाट का टारगेट मिला, जिसे उसने पूरा कर दिया। वह सूर्या का मुख्य शूटर बन गया।
क्राइम ब्रांच ने जनकपुरी में हुई 15 लाख रुपए की लूट मामले में इसी गैंग के एक सदस्य को पकड़ा था। उसने पुलिस को बताया कि सूर्या गैंग में एक नाबालिग भी है। वह सूर्या के एक इशारे पर कुछ भी कर सकता है। नाबालिग हर समय अपने पास दो पिस्तौल रखता है।
डॉन बनने की चाहत से लेकर पुलिस के हाथ लगने तक का सफर...
सूर्या ने नाबालिग के साथ मिलकर पिछले सप्ताह अमित कोचर की हत्या कर दी। पुलिस का कहना है, जब तक अमित ने दम नहीं तोड़ दिया, वे उस पर गोलियां बरसाते रहे। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर गत शनिवार को रोहिणी इलाके से नाबालिग को पकड़ लिया।
उसके पास से गाड़ी के अलावा, दो पिस्तौल, एक देशी कट्टा और डेढ़ दर्जन कारतूस मिले हैं। उसका कहना है कि वह अपराध की कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने अदालत से अपील की है कि नाबालिग को बालिग मानते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की मंजूरी दी जाए।
नाबालिग की उम्र 17 साल बताई गई है। उसके कई दूसरे साथी भी फेसबुक के जरिए गैंगस्टर बन रहे हैं। शक न हो और सख्त कानूनी प्रक्रिया से बचाव के लिए बड़े गैंगस्टर अब नाबालिगों को अपने गैंग का हिस्सा बना रहे हैं।