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Year Ender 2020:...जब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के वक्त हुआ था 'चमत्कार', सब रह गए थे हैरान

Wed, 23 Dec 2020 05:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
साल 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण बदरीनाथ धाम के कपाट एक महीने की देरी से 15 मई को सुबह 4.30 बजे खोले गए थे। लेकिन कपाट खुलने के साथ ही एक ऐसी बात हुई थी जो किसी चमत्कार से कम नहीं थी। वहीं, तीर्थ पुरोहितों ने भी इसे देश के लिए शुभ संकेत माना था। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के अनुसार, बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दिन भगवान बदरीनाथ की प्रतिमा को धृत कंबल (घी का लेप लगाया ऊन का कंबल) से ढका जाता है। अगले वर्ष धाम के कपाट खुलने पर बदरीनारायण की प्रतिमा पर घी यथावत रहने को शुभ माना जाता है।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इस साल जब कपाट खोले गए थे तो भगवान की प्रतिमा पर घी मौजूद था। धर्माधिकारी उनियाल का कहना था कि ऐसा हर बार नहीं होता। कई सालों में एक बार ही ऐसा होता है। बाहर इतनी बर्फबारी के बाद ठंड होने के बाद भी अगर घी सूखता नहीं है तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
इस साल संक्रमण की वजह से धाम के कपाट खोलने के दौरान 11 लोग ही अखंड ज्योति के साक्षी बने थे। जबकि पूरे मंदिर परिसर में 28 लोग ही मौजूद थे। लॉकडाउन के कारण धाम के कपाट तो सादगी से खुल गए थे, लेकिन धाम में रौनक कम ही रही। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कपाट खुलने के मौके पर बदरीनाथ मंदिर को चारों ओर से करीब 10 कुंतल गेंदे के फूलों से सजाया गया था। साथ ही संक्रमण को देखते हुए सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया गया था। कपाट खुलने से पहले पूरे मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया गया था। 
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