पवनदीप राजन
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राग दुर्गा पर आधारित इस गीत को पहली बार वर्ष 1952 में राजकीय इंटर कॉलेज, नैनीताल के मंच पर गाया गया। बाद में इसे दिल्ली में तीन मूर्ति भवन में एक अंतरराष्ट्रीय सभा के सम्मान में प्रदर्शित किया गया, जिससे इसे खूब प्रसिद्धि मिली।