लाखों की आबादी के बीच रास्ता बनाने वाला मालन पुल अवैध खनन की भेंट चढ़ गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के उत्तर व दक्षिण दिशा में लगातार अवैध खनने से बड़े गड्ढ़े बन गए थे, जिससे मालन पुल के पिलर नंबर नौ और 10 लगातार कटाव झेल रहे थे। मिट्टी खिसकने से पिलर की जड़ें कमजोर हो गई थीं।
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विभागीय अधिकारी भले ही मालन पुल टूटने का कारण बाढ़ और कटाव बता रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि लोक निर्माण विभाग अपने पुल को बाढ़ व अवैध खनन से नहीं बचा पाया। एक सप्ताह पहले नदी का बहाव नियंत्रित करने को चैनेलाइजेशन का काम शुरू कराया गया था लेकिन नौ और 10 नंबर के पिलरों की ओर ध्यान नहीं दिया।